कोरोना महामारी पर 18 गावों में जनजागरूकता का जज्बा दिखाते समाज के सिपाही


ऐसे समय में जब लोग अपने घरों से निकलने पर कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित होने के डर से बाहर नहीं निकल रहे हैं, ऐसे में समाज के कुछ सिपाहियों ने ग्रामीण जनता को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। 



आकाश नागर 

एक सिपाही वह होता है जो खाकी वर्दी पहनकर जनता की रक्षा का वचन लेता है।जिसे वह अपनी डयूटी मानते हुए कर्तव्य पूरा करता है। पुलिस आजकल कोरोना जैसी महामारी के पालन ना कर रहे लोगों को अनुशासन का पाठ पढ़ा रही है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस जनता को जागरूक करने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पा रही है। शायद यही वजह है कि पुलिस पर लगातार हमले हो रहे हैं। मुजफ्फरनगर के मोरना गांव में जब पुलिस लोगों को कोरोना का पालन कराने का पाठ पढ़ाने गई तो ग्रामीणों ने उन पर हमला कर दिया। ऐसे में पुलिस और ग्रामीणों में आपस में तनातनी की खबरें आ रही थी। इसके मद्देनजर कुछ लोग ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता अभियान करने निकल गए।

ऐसे समय में जब लोग अपने घरों से निकलने पर कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित होने के डर से बाहर नहीं निकल रहे हैं, ऐसे में समाज के कुछ सिपाहियों ने ग्रामीण जनता को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। ग्रेटर नोएडा के बादलपुर और दुजाना से शुरू हुई यह मुहिम ग्रेटर नोएडा के पूरे 18 गांव तक चली है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री बहन मायावती के गांव बादलपुर निवासी महेंद्र नागर और प्रवीण नागर के साथ ही दुजाना निवासी डॉ देवेंद्र नागर ने ग्रामीण जनता के बीच जाकर उनको जागृत करने का  जज्बा दिखाया है। इसमें इस अभियान में तीनों समाजसेवियों ने गांव- गांव जाकर गली-गली पहुंचकर लोगों के घरों तक कोरोना के प्रति जागरूकता फैलाने का काम किया। जिसमें महेंद्र नागर के साथ ही डॉ देवेंद्र नागर और प्रवीण नागर ने स्कॉर्पियो गाड़ी को अपना प्रचार वाहन बनाया। हालांकि इस तरीके से लोगों को जागरूक करना कानून के दायरे में नही आता है। लेकिन एक तरह से देखा जाए तो ऐसा करना पुलिस की सहायता करने जैसा ही है।

महेंद्र नागर की माने तो उन्होंने बादलपुर कोतवाली के प्रभारी पटनीश कुमार को जब यह बात बताई कि वह गांव गांव जाकर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करना चाहते हैं तो पटनीश कुमार की जैसे राह आसान हो गई। बादलपुर कोतवाली प्रभारी पटनीश कुमार ने तीनों लोगों को ही सोशल डिस्टेंस बनाने की हिदायत देने के साथ ही गांव गांव जाकर कोरोना के प्रति प्रचार करने की स्वीकृति प्रदान कर दी। इसके बाद तीनों ही लोग गांव-गांव, डगर - डगर जनता को जागरूक करने का बीड़ा उठाए हुए हैं। इस जन जागरूकता अभियान के तहत तीनों लोगों ने बादलपुर दुजाना कचैडा , गिरधरपुर, छपरौला, हाथीपुर खेड़ा , कल्दा, विश्नोली, खेड़ा धर्मपुरा  डेयरी मच्छा, सादोपुर, अच्छेजा, डेरी स्कनर और दूरियाई आदि गांवो के साथ कालोनियों में अपने प्रचार वाहन के जरिए लोगों को बताया कि कोरोना कितनी खतरनाक बीमारी है। जो जल्द ही महामारी में तब्दील हो जाएगी। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर इस बीमारी को महामारी में तब्दील नहीं करना चाहते हो तो सरकार के द्वारा बताए हुए उपाय को अपनाएं। साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से बताया गया कि मोदी सरकार ने किस तरह से उनकी सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।

गौरतलब है कि महेंद्र नागर वर्ष 2010 से ही उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अराजनीतिक संगठन विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारी रहे हैं । इसके चलते ही महेंद्र नागर मुख्यमंत्री योगी के खास लोगों में गिने जाते हैं। फिलहाल महेंद्र नागर भारतीय जनता पार्टी गौतम बुध नगर के जिला प्रतिनिधि हैं और इसी के साथ ही वह कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। इस जन जागरूकता अभियान के दूसरे सदस्य डॉ देवेंद्र नागर हैं। दुजाना निवासी डॉ देवेंद्र नागर दिल्ली में लेक्चरार हैं।वह आर्य समाजी अध्यापक हुकुम सिंह जी के भतीजे हैं। फिलहाल डॉ देवेंद्र नागर उम्मीद - एक सामाजिक संस्था के अध्यक्ष हैं और इस एनजीओ के माध्यम से अध्यापन के साथ ही समाज सेवा का बीड़ा उठाए हुए हैं। इस जन जागरूकता अभियान में तीसरे सख्श प्रवीण नागर है। जो बादलपुर के ही निवासी हैं। प्रवीण नागर भाजपा के बादलपुर मंडल के महामंत्री भी है।
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