लॉकडाउन को 21 दिन से आगे बढ़ाने की बातें केवल अफवाह निकलीं, दावे को सरकार ने किया खारिज




लॉकडाउन को 21 दिन से आगे बढ़ाने की बातें केवल अफवाह हैं, आज कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने जानकारी जानकर आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि सरकार की अभी ऐसी कोई योजना नहीं है. (COVID-19) देश में कोरोनावायरस के मामले जिस तरह से बढ़ते जा रहे हैं औऱ कामकाज बंद होने से लोग अपने घरों को वापस लौट रहे हैं, उससे यह लग रहा था कि लॉकडाउन को और आगे तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन सरकार ने इस दावे को खारिज कर दिया है.


प्रसार भारती समाचार सेवा के मुताबिक, भारत सरकार ने उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. जिसमें यह कहा गया था कि कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए भारत सरकार की तरफ से लॉकडाउन को 21 दिनों के और बढ़ाया जा सकता है. 

बता दें, एक खबर आ रही थी कि एक राज्य से दूसरे राज्य में पलायन को रोकने के लिए भारत सरकार कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को एक हफ्ते तक और बढ़ा सकती है.  

प्रसार भारती न्यूज सर्विस (पीबीएनएस) ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा, इस खबर पर पीबीएनएस ने कैबिनेट सचिव से संपर्क साधा, तो उन्होंने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि लॉकडाउन का विस्तार करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है.
गौरतलब है कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद, 24 मार्च को प्रधान मंत्री मोदी ने 25 मार्च से 3 सप्ताह की अवधि के लिए देशव्यापी तालाबंदी का ऐलान किया था.

लॉकडाउन के कारण सभी चीजें ठप्प हो गई हैं. सार्वजनिक परिवहन बंद हो गए हैं और लोग घरों में कैद हैं. किसी भी गैर-जरूरी काम के लिए बाहर जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. कोरोनोवायरस महामारी के दौरान बचे रहने के लिए सभी दुकानें और सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं.

काम और आजीविका के अचानक रुकने के कारण, दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों में दैनिक प्रवासियों के रूप में काम करने वाले हजारों प्रवासी श्रमिक उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में अपने पैतृक गांवों की ओर जाने लगे हैं.

तालाबंदी के दौरान लोगों को सैकड़ों और हजारों किलोमीटर की यात्रा करते हुए प्रतिबंधित जगहों पर पाया गया. 

दिल्ली और उत्तर प्रदेश में राज्य सरकारों ने प्रवासी मजदूरों के बड़े पैमाने पर पलायन से निपटने के लिए, दिल्ली-एनसीआर में बस स्टेशनों पर हजारों लोग घर जाने के लिए इकट्ठा हुए.

इस तरह से एक जगह पर एक साथ इतने अधिक लोगों के इकट्ठा होने  बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है. जबकि लॉकडाउन का उद्देश्य सोशल डिस्टैंसिंग को बढ़ावा देना था जिससे कोरोनावायरस का प्रसार न होने पाए. 

अब तक, भारत में 1,100 से अधिक कोरोनावायरस के मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें 27 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 90 लोग ठीक होकर अपने घरों को जा चुके हैं. वहीं, दुनिया भर में, कोरोनोवायरस से 30,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. 



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