नए नए आईएएस सिस्टम सुधारने के नाम पर नीचे के छोटे कर्मचारियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे



इन दिनों नए नए आईएएस बने युवाओं को कई जगहों पर फील्ड में पोस्टिंग दे दी गई है, लेकिन वे सिंघम की तरह सिस्टम को एक दिन में सुधारने की कवायद में नीचे के छोटे कर्मचारियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं. 
- बलभद्र मिश्रा        



नए नए आईएएस बने युवा यह भूल रहे हैं कि नौकरी आपने नहीं दी, इसलिए थोड़ी नरमी जरूर लायें, सिस्टम को ठीक करने लापरवाह कर्मचारियों की काउंसलिंग जरूरी है. फिर हल्की फुल्की कार्यवाई और यदि फिर भी न सुधरे तो सीधे बड़ी कार्यवाई कर सकते हैं, लेकिन पब्लिक में सार्वजनिक रूप से किसी को अपमानित न करें, मुंह भी न चलायें, सीधे कार्यवाई करें. यह बात पत्रकार मुकेश अवस्थी की सोशल मीडिया पर पोस्ट को देख कर कही जा सकती है कि नए नए आईएएस बने युवा सिस्टम सुधारने के नाम पर नीचे के छोटे कर्मचारियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं. 

पत्रकार मुकेश अवस्थी ने अपनी पोस्ट में लिखा है
ये है होशंगाबाद जिला पंचायत सीईओ आदित्य सिंह (आईआईटी रुड़की), जिनके दिमाग पर हमेशा गरमाहट रहती है. छोटे छोटे कर्मचारियों जैसे रोजगार सहायकों, सचिवों को सस्पेंड, सेवाएं समाप्ति की धमकी देना इनके रूटीन में है. आदित्य सिंह जी, क्या आप सिस्टम को एक दिन में सुधारना चाहते हैं? पूरा आसमान फटा हुआ है, कहां कहां थेगड़े लगाएंगे? 

उम्र में बहुत छोटे हैं, अनुभव में भी पीछे हैं, लेकिन बस आईएएस हैं. क्या इन छोटे कर्मचारियों को सस्पेंड करके या सेवाएं समाप्त करके आप सिस्टम को सुधार पाएंगे, शायद नहीं. सिस्टम को सुधारने के लिए सबसे पहले लापरवाह कर्मचारियों की काउंसलिंग जरूरी है, फिर हल्की फुल्की कार्यवाई और यदि फिर भी न सुधरे तो सीधे बड़ी कार्यवाईकर सकते हैं, लेकिन पब्लिक में सार्वजनिक रूप से किसी को अपमानित न करें, मुंह भी न चलायें, सीधे कार्यवाई करें. और हाँ नोकरी भी आपने नहीं दी, इसलिए थोड़ी नरमी जरूर लायें, सिस्टम को ठीक करने खुद को नरम और कलम को कड़क करना जरूरी है. 




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