सरकार कर रही है शिक्षा को पूंजीपतियों के निजी हाथों में सौंपने की तैयारी




राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 के प्रस्तावित जनविरोधी प्रावधानों पर चिंता व्यक्त करते हुए सुरेन्द्र रघुवंशी ने बताया है कि यह नीति देश की शिक्षा को पूंजीपतियों के निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। इससे शिक्षा महंगी और आम गरीब किसान मजदूरों की पहुंच से दूर होगी और सरकार इस शिक्षा नीति के बहाने नागरिकों को बेहतर और निःशुल्क शिक्षा देने की अपनी ज़िम्मेदारी से बचना चाहती है। 

ईश्वरचन्द्र विद्यासागर की दो सौ वीं जयंती पर उन्हें और भगतसिंह को समर्पित बेहद महत्वपूर्ण आयोजन 'शिक्षा बचाओ कन्वेंशन' में अपनी बात रखते हुए उन्होंने यह बात कही.  


अशोकनगर / राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 के प्रस्तावित जनविरोधी प्रावधानों पर अशोकनगर में डीएसओ द्वारा 'शिक्षा बचाओ कन्वेंशन' आयोजन रखा गया था. आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 के प्रस्तावित जनविरोधी प्रावधानों पर चर्चा और उनसे जनता को अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर देना था. 

श्री सुरेन्द्र रघुवंशी का कहना है कि विद्यार्थियों, पालकों और शिक्षकों के लिए मुसीबतें खड़ी करने वाली इस शिक्षा नीति की समग्र पड़ताल कर इसके जनविरोधी पक्ष का विरोध होना चाहिए। 

उन्होंने कहा है कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि विद्यार्थियों के लिए बेहतर, निःशुल्क और सुलभ, मानवीय मूल्य सहित वैज्ञानिक और जनवादी शिक्षा प्राप्त हो सके। प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक सरकारी शैक्षणिक संस्थानों को निजी हाथों में न सौंपा जाए।




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