मध्यप्रदेश में खरीफ फसलों को जो क्षति पहुँची, उससे पूरा देश प्रभावित होगा, सीएम ने की पीएम से मदद की मांग



मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर खरीफ फसलों को जो क्षति पहुँची है उससे पूरा देश प्रभावित होगा, क्योंकि मध्यप्रदेश में उत्पादित फसलें पूरे देश की जरूरत पूरी करती हैं। अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण प्रदेश को 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इस बात के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाक़ात की और राज्य में भारी वर्षा के कारण हुई तबाही से क्षति के संबंध में प्रधानमंत्री को अवगत कराया। प्रधानमंत्री मोदी ने मदद देने का आश्वासन दिया है। 


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश में अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसलों को पहुँचे भारी नुकसान को लेकर ज्ञापन सौंपा। श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे पुन: केन्द्रीय अध्ययन दल प्रदेश में भेजें जिससे क्षति का वास्तविक आकलन हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री से प्रदेश में वर्षा के कारण हुई भारी तबाही को गंभीर आपदा की श्रेणी में रखने की माँग की। उन्होंने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय विकास आपदा कोष एवं अधोसंरचना पुनर्निर्माण के लिए लगभग 9 हजार करोड़ रुपये की मदद देने का आग्रह किया, जिससे किसानों और आम लोगों को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। 

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की लगभग 45 मिनिट तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से चर्चा हुई। उन्होंने राज्य में भारी वर्षा के कारण हुई तबाही से कृषकों, मकानों, भवनों तथा अन्य क्षति के संबंध में प्रधानमंत्री को अवगत कराया। श्री नाथ ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य में अब तक सामान्य से 46 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। राज्य के 52 जिलों में से 20 जिलों में सामान्य से अधिक 60 प्रतिशत वर्षा हुई है। श्री नाथ ने बताया कि मालवा क्षेत्र के मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा अत्याधिक वर्षा के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। धान को छोड़कर सभी फसलें प्रभावित हुई हैं। लगभग एक लाख मकानों को नुकसान पहुँचा है। श्री नाथ ने प्रधानमंत्री को बताया कि अतिवृष्टि के कारण 242 गाँवों को पूर्ण या आंशिक रूप से खाली कराया गया। लगभग 1100 किलोमीटर सड़क मार्ग और 1700 से अधिक पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हुई हैं।

श्री नाथ ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पूर्व में केन्द्रीय अध्ययन दल आने के बाद से अब तक बारिश का दौर जारी है। इसलिए एक बार फिर से नुकसान का सर्वे करवाया जाए, जिससे जो क्षति हुई उसका वास्तविक आकलन किया जा सके। उन्होंने राष्ट्रीय विकास आपदा राहत कोष से 6621.28 करोड़ रुपये और अधोसंरचना पुनर्निर्माण के लिए 2285.88 करोड़ रुपये तत्काल उपलब्ध करवाने को कहा । जिससे किसानों व अन्य प्रभावितों को मदद दी जा सके।




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