अच्छा समय है, परिस्थितियां अनुकूल हैं, घमंड न करें, क्षण पल सब नश्वर है, "मैं" में मारा गया लंकाधिपति रावण



एक चिंतन    


समय परिवर्तनशील है, सुखद-दु:खद क्षण, सब क्षणभंगुर है, क्षणिक है. बुरा समय है, प्रयास करें, अच्छा समय आएगा. अच्छा समय है, परिस्थितियां अनुकूल हैं, घमंड न करें, समय बलवान है, सारा घमंड टूटकर चकनाचूर हो जाएगा. रावण, बाली की जो दुर्गति हुई, जो विनाश हुआ, इस उदाहरण से हम सबक ले सकते हैं.




नेहांश कुलश्रेष्ठ, उज्जैन

क्षण अर्थात समय का लघुत्तम स्वरूप जैसे सागर और उसकी नन्ही-नन्ही बूंदें, जैसे एक पुष्प और उसके अंश हैं उसकी छोटी-छोटी पंखुड़ियाँ.


समय है, उसका छोटा अंश है क्षण, पल. जैसे मैंने कहा दिन, यह समय है, घण्टा, मिनट, सेकंड यह छोटे -छोटे पल हैं.

समय, पल, क्षण परिवर्तनशील है. बिता हुआ कल अर्थात भूतकाल, जो बीत गया है, भले स्मृतियों में जीवित है, पर असल मे बीत गया है. एक होता है वर्तमान जो आज है, शाश्वत है जो कल बीत जाएगा और एक होता है भविष्य काल, जिसे हमने नहीं देखा, पर कल अवश्य ही दिख जाएगा, और अगले दिन वह भी बीत जाएगा.

एक उदाहरण से, एक दृष्टांत से समझें. एक गरीब व्यक्ति है, दाने-दाने को मोहताज है, मेहनत कर रहा है वह दिन-रात, उसका यह भगीरथी तप एक दिन अवश्य सफल होगा, समय बदलेगा उसका, वहीं थोड़ा भी अभिमान आया उसे, नीचे गिरते तनिक भी देर नहीं लगेगी, जहाँ से उठा था वहीं धराशायी भी हो जाएगा.

अभी हाल ही में हमने बड़े धूमधाम से विजयादशमी का पर्व मनाया, विजयादशमी अधर्म पर धर्म की विजय, अनीति पर नीति की विजय, असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है. श्री राम ने रावण का वध किया और यह पर्व मनाया जाने लगा. पर यह रावण कौन था असल में? रावण लंका का राजा, महापण्डित, महाविद्वान, परम् शिव उपासक, पर "मैं "उसके विनाश का कारण बना, कहाँ वह परम शक्तिशाली, और समय ने करवट ली और रावण धराशायी हुआ.

किष्किंधापति बाली, सुग्रीव का अग्रज, एक और महाबली, एक शक्तिशाली राजा, चला था अनीति के मार्ग पर, शक्ति, बल के मद में चूर, लेकिन कहते हैं वक्त कभी भी एक सा नहीं रहता, श्री राम के हाथों बाली का वध हुआ.

समय परिवर्तनशील है, सुखद-दु:खद क्षण, सब क्षणभंगुर है, क्षणिक है. बुरा समय है, प्रयास करें, अच्छा समय आएगा. अच्छा समय है, परिस्थितियां अनुकूल हैं, घमंड न करें, समय बलवान है, सारा घमंड टूटकर चकनाचूर हो जाएगा. रावण, बाली की जो दुर्गति हुई, जो विनाश हुआ, इस उदाहरण से हम सबक ले सकते हैं.




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