1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से प्रभावित हो कर चंचल जी ने राष्ट्रवादी कविता लिखनी शुरू की थी - बद्रीप्रसाद गौतम



टूटते रिश्तों की पीड़ा पंछियों से पूछिये, कौन माँ, कैसा पिता पर निकल आने के बाद... स्व. शम्भू दयाल भटट ‘समन’ जी की पंक्तियो के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।



अतुल गुप्ता 

ज अखिल भारतीय साहित्य परिषद, इकाई पिछोर, जिला शिवपुरी के द्वारा शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय में साहित्य के क्षेत्र में शिवपुरी जिले के साहित्यकारों का योगदान विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 


इस अवसर पर शिवपुरी के साहित्यकार स्वर्गीय रामकुमार चतुर्वेदी ‘चंचल’ एवं स्वर्गीय डॉ अखिल बंसल तथा पिछोर के साहित्यकार स्व. रामनाथ नीखरा एवं स्व. शम्भू दयाल भटट ‘समन’ की स्मृति में महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। 


कार्यक्रम के संरक्षक प्राचार्य डा. केशव सिंह मुख्य अतिथि बद्रीप्रसाद गौतम, कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. रूपेश श्रीवास्तव ने की। विशिष्ट अतिथि कबीर कोली, अभिषेक जैन, सतेन्द्रराज भटट,डा.शवाना खान डा. प्रकाशचन्द सुमन रहे। निर्णायक मण्डल में डा. मेघा श्रीवास्तव एवं डा. भारती साहू रहीं। 

प्रतियोगिता में अभिलाश शर्मा प्रथम, राहुल सिंह यादव द्वितीय, दिनेश अहिरवार एवं साक्षी पाठक क्रमशः तृतीय स्थान पर रहे। कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालक अतुल गुप्ता एवं आभार डा. गिरीश नीखरा ने व्यक्त किया। प्रतिभागियो ने स्वर्गीय रामकुमार चतुर्वेदी ‘चंचल जी के साथ- साथ स्थानीय साहित्यकारों स्व. रामनाथ नीखरा एवं स्व. शम्भू दयाल भटट ‘समन’ पर भी विचार व्यक्त किए।





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