खाद्य पर्दार्थों में मिलावट के खिलाफ मुहिम जोरों पर, सेहत के लिए खतरनाक चांदी के वर्क के खिलाफ कोई बात क्यों नहीं?




इन दिनों खाद्य पर्दार्थों में मिलावट के खिलाफ खूब मुहिम चल रही है, लेकिन त्यौहारों के अवसर पर सबसे ख़ास मिठाइयों में चांदी के वर्क के खिलाफ कोई बात नहीं हो रही. जबकि यह शाकाहारियों के साथ धोखा, उपवास भंग कराने वाला और साथ ही सेहत के लिए भी नुकसान दायक बताया जा रहा है. 

ल से नवरात्र शुरू हो रहे हैं. दसवें दिन दशहरा और फिर दीवाली आने वाली है. ऐसे त्यौहारों के अवसर पर सबसे ख़ास होता है मिठाइयां खाना. वह भी चांदी के वर्क लगी हों तो कहना ही क्या? किसी भी शुभ कार्य में चांदी के वर्क लगी मिठाई, चांदी का वर्क लगा पान आदि जरूर लाया जाता है और लोग इसे शाकाहारी मानते हैं. उपवास में उपयोग करते हैं. चांदी का वर्क मिठाइयों को सुंदर बना देता है, लेकिन चांदी का वर्क लगी मिठाई न तो शाकाहारी होती और न ही उपवास में उपयोग के लिए उपयुक्त है, यहाँ तक कि सेहत के लिए भी नुकसान दायक बताई गई है. 


चांदी के वर्क लगी मिठाइयां देखने में सुंदर लगती हैं, लेकिन यह बहुत खतरनाक भी हैं यह जानकारी नहीं होने से लोग इनके दीवाने रहते हैं और जानकारी के अभाव में छले जा रहे हैं. ऐसा भी नहीं है कि यह जानकारी यहाँ पहली बार दी जा रही है, बहुत बार बहुत जगह यह जानकारी दी जा रही है, लेकिन उसका सही से प्रचार प्रसार नहीं हो पा रहा. 

चांदी का वर्क कैसे तैयार किया जाता है, यदि आप जान जाएंगे तो हमें नहीं लगता कि इसके बाद भी आप चांदी का वर्क लगी मिठाइयां खायेंगे. आइये एक बार फिर जानते हैं चांदी का वर्क कैसे तैयार किया जाता है, हांलाकि जानकारी के अनुसार चांदी का वर्क वास्तव में शुद्ध चांदी का होता ही नहीं है, बल्कि एल्मीनियम जैसी किसी चमकीली धातु से बनाया जाता है.

चांदी का वर्क जानवर की विशेष  खाल के अंदर चमकीली चांदी जैसी धातु का टुकड़ा परत-दर-परत रख कर हथौड़े से जोर-जोर से पीटा जाता है, जिससे वह अन्दर फ़ैल कर वर्क के रूप में पतला होता चला जाता है. जानवर की खाल पीटने पर फटती नहीं है, इसलिए उसका उपयोग किया जाता है. इस प्रकार कहा जा सकता अहै जो चीज जानवर की खाल में कूट कूट कर बनी हो शाकाहारी और उपवास योग्य किस एहो सकती है? 


rajivdixitji.com पर दी गई जानकारी के अनुसार चांदी के वर्क के बारे में लखनऊ के इंडियन इंस्टीटय़ूट आफ टाक्सकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) के अध्यनन के मुताबिक बाजार में उपलब्ध चांदी के वर्क में निकल, लेड, क्रोमियम और कैडमियम बहुतायत मात्रा में पाया जाता है. इसको खाने से कैंसर जैसे घातक रोग हो सकता है. इसी तरह शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के मेडिसन विभाग के प्रोफेसर डा. राजेश कश्यप बताते हैं कि धातु चाहे किसी भी रूप में हो, सेहत के लिए नुकसानदेय है. इसके सेवन से ज्यादा नुकसान लिवर, किडनी और गले को होता है.

हम समझाते हैं इस जानकारी के बाद आप प्रतिज्ञा लेंगे कि चांदी के वर्क लगी मिठाई न खाएंगे और न ही चांदी वर्क लगी मिठाई अपने किसी मित्र या सगे-संबंधी को खाने को देंगे और इसके बारे में मित्र/संबंधी को अवगत कराएंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग चांदी के वर्क के पीछे के असलियत समझें और इसका उपयोग बंद करें. हम दुकानदारों से भी अनुरोध करते हैं कि केवल सुन्दर दिखने के लिए इस सेहत के लिए नुकसान दायक वर्क का उपयोग तत्काल बंद करें. 

इस वीडियो में ABP न्यूज़ की पड़ताल भी देखिए - 







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