होशंगाबाद, जहां बाढ़ एक उत्सव है !


एक विचार   


नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर जा रही है, बारिश का रेड एलर्ट है, लेकिन पूरा शहर घाटों की ओर बाढ़ को निहारने चल पड़ा है। 
- अशोक जमनानी 

मेरे शहर होशंगाबाद में नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर जा रही है , बारिश का रेड एलर्ट है, लेकिन पूरा शहर घाटों की ओर बाढ़ को निहारने चल पड़ा है। निचले इलाकों में पानी है लेकिन परेशानी और तकलीफ़ में दुःख कहीं नहीं है। लोगों के चेहरों पर वैसी ही चमक है, जैसी मेले में खिलौने खरीदते बच्चों के चेहरों पर होती है। 

यही फक्कड़पन इस देश में अमरता रचता है आप अर्थ व्यवस्था के डूबने का शोक गीत गाइये यह देश अपनी बर्बादी का जश्न मनाकर फिर जीने में जुट जायेगा। सदियों से इसने ऐसा ही किया है इसलिए यह पूरा देश होशंगाबाद है। होशंगाबाद याने जिसका होश नाम का अंग आबाद है ..

photo by  Hitesh Thudgar
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News Digital India 18

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