एक वो रेपिस्ट MLA सेंगर है और एक ये, पीड़िता से शादी कर खुद लड़ाई लड़ने लॉ कर डाला


भले ही और कितना भी गहन अंधेरा हो ऐसे में भी कोई न कोई ऐसा चराग रोशन होकर हमें संघर्ष के लिए प्रेरित करता ही है. ईश्वर ऐसे इंसान का साथ दे, क्योंकि सिस्टम और देश की जोमैटो पर बेकार का बवाल काटती जनता से कोई उम्मीद नहीं कर सकते. मामले पर यह कहना है  अपराजिता अनामिका  का. आदमी ठान ले तो क्या नहीं कर सकता, यह साबित कर दिखाया है जितेन्द्र ने. 

क तरफ रेपिस्ट विधायक सेंगर है, जो दुष्कर्म करने के बाद पीड़िता का जान ही लेना नहीं चाहता वरन गवाही और साथ देने वाले परिवार को पूरी तरह खत्म करवा देना चाहता है. दूसरी तरफ जींद हरियाणा का ही एक किसान जितेंद्र छातर है, जो एक गैंग रेप पीड़िता के लिए भगवान बन गया है. 

4 वर्ष पूर्व एक कोचिंग संचालक ने अपने 6 साथियों के साथ युवती के साथ गैंगरेप किया था. पीड़िता तब से बदहवास जिंदगी जी रही थी. उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था. और आरोपी खुले में घूम रहे थे. ऐसे में परिवार में जब शादी की बात चली तो अरेंज मैरिज के लिए जितेंद्र का परिवार पीड़िता के घर आया. 

शादी के पूर्व पीड़िता ने अपने मंगेतर जितेंद्र को पूरी बात बताई. जितेंद्र पीछे हटने के बजाय उनसे शादी को खुशी से तैयार हो गया. 2015 में शादी हुई. 

इसके बाद जितेंद्र मामले को हाई कोर्ट ले गए. आरोपियों की गिरफ्तारी होना शुरू हुई और इसी के साथ जितेंद्र पर दबाव बढ़ना शुरू हुआ. केस वापस न लेने पर जान से मारने तक की धमकी जितेंद्र को मिली. लेकिन जितेंद्र डरा नहीं, बल्कि उसके इरादे और बुलंद होते गए. उसने इस केस के लिए वकीलों की महंगी फीस की वजह से अपनी जमीन भी बेच दिया. 

वकीलों की महंगी फीस की वजह से उसने इस लड़ाई को खुद लड़ने लॉ की पढ़ाई भी शुरू कर दिया. इस महीने जितेंद्र की लॉ की पढ़ाई खत्म हो गई है. अगले महीने वे चंडीगढ़ हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू करेंगे. जितेंद्र बताते हैं कि उनकी पीड़ित पत्नी आज भी रात में अचानक चिल्ला उठती है. जोर से रोती, चीख़ती है. वह उस सदमे से आज भी उबर नहीं पाई है. 

जितेंद्र उन्हें नियमित डॉक्टर के पास ले जाते हैं और पीड़िता का भी लॉ कॉलेज में एडमिशन करवा दिया है. दुसरी ओर अभी भी 2 आरोपी खुले में घूम रहे हैं. और जितेंद्र को डराने धमकाने सहित प्रलोभन दे रहे हैं. 

इस प्रकार की जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर श्री बिक्रम सिंह चौहान ने दी है. पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि जितेंद्र को केस वापिस लेने के बदले डेढ़ करोड़ का ऑफर दिया गया है, लेकिन जितेंद्र की जिद है इन दोनों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाने की. लड़ाई जारी है, संघर्ष जारी है. विजयी भव जितेंद्र!

 बिक्रम सिंह चौहान  की फेसबुक वाल से 


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