बच्चों की सुरक्षा के लिए जरुरी है मीडिया का सार्थक हस्तक्षेप


आवाज़ व माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के संयुक्त 

तत्वावधान में बाल संरक्षण पर सेमीनार संपन्न में बाल अधिकार कार्यकर्त्ता प्रशांत दुबे


- रोहित शिवहरे

भोपाल/ बच्चों की सुरक्षा में मीडिया का सार्थक हस्तक्षेप बहुत जरुरी है. यदि मीडिया अपनी सक्रिय भूमिका निभाये और उचित शब्दावली तथा बच्चों के पक्ष में रिपोर्टिंग करे तो एक बड़े वर्ग को लाभ हो सकता है. इसके लिए जरुरी है कि पत्रकारिता के विद्यार्थी बाल संरक्षण से जुड़े विषयों को समझें, उससे जुड़े कानूनों को समझें और फिर रिपोर्टिंग करें. बच्चों के पक्ष में रिपोर्टिंग से आश्यक कतई यह नहीं है कि बच्चों की अपराध में संलिप्तता पर बात न की जाए बल्कि उसके पीछे के कारणों को जानते हुए. 


उक्त बात बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत आवाज़ संस्था भोपाल तथा माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 'बाल संरक्षण’ विषय पर आयोजित सेमीनार के दौरान बाल अधिकार कार्यकर्त्ता प्रशांत दुबे ने व्यक्त किये. यह आयोजन बुधवार, 29 अगस्त 2019 को विवि के छठवें तल पर स्थित सभागार में सम्पन्न हुआ. सेमीनार में श्री दुबे ने बाल श्रम, बालविवाह, बच्चों की तस्करी, बाल लैंगिक शोषण आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला. 


उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में रोजाना 30 बच्चे गायब हो रहे हैं, जिनमें 16 लडकियां हैं और जिनमें से 9 बच्चे फिर कभी वापसं नहीं मिलते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि भोपाल में ही बहुत से बच्चे बाल लैंगिक शोषण का शिकार हो रहे हैं. उन्होंने महिला बाल विकास मंत्रालय के वर्ष 2007 के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि देश में 53 फीसदी बच्चों के साथ लैंगिक शोषण की घटनाएं होती हैं. 

उन्होंने कहा कि यह भी ध्यान देने योग्य है कि जब भी बच्चों के साथ हो रहे शोषण की घटनाएं हम कवर करें तो हम बच्चों की पहचान सार्वजनिक न करें. साथ ही बच्चों से जुड़े मामलों में शब्दावली को लेकर भी सावधानी बरतनी जरुरी है.

 इससे पहले आज के सेमीनार के आयोजन के सम्बन्ध में प्रकाश डालते हुए पत्रकारिता विभाग के छात्र व सेफ सिटी यूथ फेलो रोहित शिवहरे ने कहा कि इस तरह के सेमीनार विद्यार्थियों की अलग-अलग विषयों पर समझ बढाने का एक जरिया है. उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज हम बाल संरक्षण पर बात कर रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि मैं वर्तमान में सेफ सिटी यूथ फेलो के रूप में काम कर रहा हूँ और मुझे लगा कि मैं अपने पत्रकारिता से जुड़े साथियों के लिए भी इस तरह का सेमीनार आयोजित कराया जाना चाहिए. उन्होंने अपनी फेलोशिप के विषय में बताया कि आवाज और यूनिसेफ द्वारा युवा साथियों को बच्चों के मुद्दे पर उनकी अपनी विधा में काम करने के लिए फेलोशिप दी है. उन्होंने इस मौके पर विभाग और विश्विद्यालय का इस सेमिनार के आयोजन को लेकर आभार माना.

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकारिता विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राखी तिवारी ने की. उन्होंने अपने उद्बोधन में कार्यक्रम की सार्थकता पर जोर देते हुए कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि बच्चों से जुड़े मुद्दों पर पत्रकारिता के छात्र इतनी बड़ी संख्या में आये हैं. इस मौके पर पत्रकारिता विभाग से ही डाक्टर रामदीन त्यागी और जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव गुप्ता के साथ-साथ साकेत दुबे, लोकेन्द्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन दीप्ति तोमर ने किया। सेमीनार में लगभग 100 छात्र उपस्थित थे. 

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