बिहार की आधी आबादी हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने को विवश क्यों?


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिर्फ ये बता दें कि "नेपाल से पानी छोड़े जाने के मसले के समाधान के लिए अपने चौदह सालों के लंबे शासनकाल में उन्होंने कितनी बार प्रयास किया और अगर किया तो विशेष राज्य की मांग की तरह इस मसले के समाधान की मांग को तरजीह क्यूँ नहीं दी?" 
- आलोक कुमार 


बिहार की लगभग आधी आबादी हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने को विवश होती है, जान-माल की अपार क्षति होती है, लाखों लोग विस्थापित होते हैं, बड़ी आबादी के सामने महीनों जीविका का संकट होता है. सब डूब और बह जाने के बाद सुशासन के दिखाऊ नीतीश-मॉडल की निद्रा भंग होती है और फिर बाढ़ राहत के नाम पर की गयी लूट का माल गले तक ठूँस कर अगले साल जागने के लिए मिथ्याप्रचार की दम पर खुद को चमकाने वाला सुशासनी कुनबा अपने स्वयंभू पुरोधा के साथ कुंभकर्णी नींद में चला जाता है. 

गलत नहीं कहते बाढ़ पीड़ित इलाके के एक बुजुर्ग "जनता मरने-डूबने को लाचार है, क्यूँकि यहाँ नीतीशे कुमार है" 
बिहार में बाढ़ है 
तभी तो नक्कारे शासन की बहार है..
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News Digital India 18

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