वो सख्ती, वो तेवर कहाँ गायब हो गए? 'आप ही निकालोगे न? कहीं नेहरू जी तो बाधा नहीं बनेंगे?'


मामला-ए-आकाश वेटिंग 


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयर्गीय द्वारा एक अधिकारी को पीटने से जुड़े घटनाक्रम पर गहरा संज्ञान लेते हुए नसीहत देने में जल्दबाजी कर दी, अब जैसा कहा वैसा न हो सकने के कारण किरकिरी हो रही है. सोशल मीडिया पर यूजर'आप ही निकालोगे न? कहीं नेहरू जी तो बाधा नहीं बनेंगे?' जैसे कमेन्ट कर रहे हैं. लोग लिख रहे हैं 'नेहरु जी अंग्रेजों के साथ वेट भी ले जाने देते तो ऐसा नहीं हो पाता?'

बलभद्र मिश्रा

लोग बता रहे हैं हाल के चुनाव पूर्व लोग चर्चा करते थे देश में सरकार किसकी है? एक बोलता बीजेपी की. दुसरा बोलता मोदी की. लेकिन पूछने वाला बताता दोनों की नहीं देश में अमित शाह की सरकार है. अब आकाश मामले के बाद जैसा पीएम मोदी ने कहा है वैसा होता नहीं दिख रहा, इससे उनकी और ज्यादा किरकिरी होना तय है. वहीं चुनाव पूर्व की बातों पर भी मोहर लगती दिख रही है. कहीं पीएम मोदी जल्दबाजी में तो नहीं बोल दिया कि ‘बेटा किसी का हो, मनमानी नहीं चलेगी.' हालांकि, प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन मामला आकाश से जुड़ा ही माना गया.

पीएम मोदी ने कहा था कि किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, जो पार्टी का नाम कम करता है, अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि अगर किसी ने कुछ गलत किया है तो कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि यह सभी पर लागू है. पीएम मोदी की इस बात की जम कर तारीफ़ हुई, लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया, पीएम मोदी की बात 'केवल बात भर है', जैसा सन्देश जाने लग गया. 

पीएम मोदी की बात पर बीजेपी नेताओं का कहना रहा कि 'प्रधानमंत्री बहुत नाराज थे. उन्होंने कहा कि बदसलूकी करने, पार्टी को बदनाम करने या सार्वजनिक रूप से अहंकार दिखाने का हक किसी के पास नहीं है. उन्होंने कड़े शब्दों में यह बात कही. साथ ही कहा कि ऐसी हरकतें स्वीकार नहीं है.' लेकिन अब वैसा नहीं हो रहा तो सवाल उठने स्वाभाविक हैं कि अब वो सख्ती, वो तेवर कहाँ गायब हो गए? 

Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc