दुनिया है कांटों का जंगल, मां खुशियों की फुलवारी



है स्नेह अगाध से भरा हृदय 
गजब है सहने की क्षमता
एक ओर दुनिया सारी 
एक ओर है मां की ममता

है मां दुनिया में परमेश्वर की
कृति सबसे प्यारी 
सब रिश्तों में सब नातों में
मां ही सबसे न्यारी 

मां की महिमा क्या बतलाउं
बस इतना कहता हूं
दुनिया है कांटों का जंगल
मां खुशियों की फुलवारी

चाहे कुछ हो दिल से उसके
प्रेम नहीं है कमता
एक ओर दुनिया सारी 
एक ओर है मां की ममता

राहों से कांटें चुन चुन के
स्नेह सुमन बो देती
मां ही है जो बच्चों के 
दु:ख में है रो देती

त्याग शब्द भी है फीका
मां के त्याग के आगे
मां तो मां बनने की खातिर
सुंदरता है खो देती

बच्चों को छोड़कर और कहीं न
मन मां का है रमता
एक ओर दुनिया सारी 

एक ओर है मां की ममता

है स्नेह अगाध से भरा हृदय 
गजब है सहने की क्षमता
एक ओर दुनिया सारी 
एक ओर है मां की ममता

- विक्रम कुमार
ग्राम - मनोरा, वैशाली, बिहार 

फोटो सौजन्य / नरेन्द्र श्रीवास्तव
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