दादाजी और दादीजी भी कॉलेज में रेग्यूलर एडमिशन ले पढ़ सकते हैं



सर ! मैंने पन्द्रह वर्ष पहले हायर सेकेण्डरी की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। परिस्थितियां ऐसी बनी कि पढ़ाई जारी नहीं रख पाया। मगर अब फिर अध्ययन करने की इच्छा है। क्या मैं प्रायवेट परीक्षा देकर अपनी एजुकेशन को बढ़ा सकता हूं। मैं बी. ए. करना चाहता हूं। 

शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ की टीम के द्वारा कॉलेज चलो अभियान के अंतर्गत अभिभावकों से मिलने के दौरान ऐसी जिज्ञासाएं सामने आईं। साथ ही कॅरियर सेल में अपने बच्चों के साथ आने वाले माता-पिता भी आगे पढ़ने की इच्छा जताते रहते हैं। कॉलेज चलो अभियान आयुक्त, उच्च शिक्षा, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्राचार्य डॉ. आर. एन. शुक्ल के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। उम्र का कोई बंधन नहीं है

बड़वानी / कॅरियर काउंसलर और कॉलेज चलो अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. मधुसूदन चौबे ने बताया कि इस वक्त मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज में एडमिशन के संबंध में कोई आयु सीमा का बंधन नहीं है। किसी भी उम्र के महिला और पुरुष यदि अन्य अर्हताएं रखते हैं तो वे कॉलेज के छात्र-छात्रा बन सकते हैं। दादाजी और दादीजी भी कॉलेज में रेग्यूलर एडमिशन ले सकते हैं। यह व्यवस्था सत्र 2018-19 में प्रारंभ की गई थी, जिसे शासन ने इस वर्ष भी जारी रखा है। कार्यकर्ताओं प्रीति गुलवानिया, ग्यानारायण शर्मा और किरण वर्मा ने बताया कि इस जानकारी से अभिभावकों में उत्साह है। हम उन्हें प्रेरित भी कर रहे हैं कि जब जागो तब सवेरा। ज्ञानार्जन की कोई उम्र नहीं होती। अध्ययन ओर ज्ञानार्जन निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। 

प्रवेश प्रभारी डॉ. जे. के. गुप्ता ने बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश 10 जून से और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में प्रवेश 15 जून से प्रारंभ होगा। प्रवेश के लिए महाविद्यालय में अपने स्तर पर तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। विभिन्न समितियों को गठन कर लिया गया है। प्रवेश कार्य निर्बाध रूप से संचालित होगा। इस संबंध में जानकारी के लिए कॉलेज के कॅरियर सेल में संपर्क किया जा सकता है।
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