अकेला AN32 ही गायब नहीं, सरकार की बोलती भी गायब




पूरे 7 दिन हो गए. केवल AN32 गायब नहीं है, सरकार की बोलती भी गायब है. स्थिति जो भी हो, इस मामले में किसी भी स्थिति में सरकार की चुप्पी उचित नहीं कही जा सकती. आखिर उन परिवारों के बारे में भी सोचना चाहिए, जिनके सदस्य इसमें सवार थे.




Dr. Parmod Pahwa   

सोमवार दोपहर 12:25 पर जोरहाट से उड़ान भरने के बाद लगभग 13:00 बजे चीन सीमा से लगे मेचूका गाँव के पास हमारी वायुसेना का मालवाहक जहाज़ 13 यात्रियों सहित गायब हो जाता है.



सम्भव है कि किसी तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना ग्रस्त हो गया हो, लेकिन यदि ऐसा होता तो प्रशिक्षित पायलट कोई सन्देश देता या इजेक्ट कर जाता.

दूसरी सम्भावना हो सकती है कि दुश्मन के ड्रोन या किसी मिसाइल हमले में नुकसान पहुंचा हो, लेकिन यदि ऐसा होता तो मलबा जरूर मिलना चाहिए था, क्योंकि उस क्षेत्र में आबादी भी है.

'एलियन' ले गया विमान, बहुत खूब लाये हो 
एक आशंका और हो सकती है कि दुश्मन के जहाज़ों ने हमारी सीमा का अतिक्रमण करके डॉग फाइट में इसे अपने वायु क्षेत्र में ले जाने तथा अपने किसी सैनिक अड्डे पर उतरने के लिए मजबूर किया हो.

लेकिन इस सबके बीच जो हैरानी करने वाली बात है वो है सरकार की चुप्पी. किसी भी स्थिति में सरकार की चुप्पी उचित नहीं कही जा सकती. आखिर उन परिवारों के बारे में भी सोचना चाहिए जिनके सदस्य इसमें सवार थे.

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक चैनल ने तो इसे एलियन द्वारा अपहृत बता दिया है. बेशक़ इसे चैनल की मूर्खता कह कर सब मज़ाक़ बना रहे हैं, लेकिन उस चैनल की सरकार से निकटता देखते हुए उसके संकेत समझने चाहिए.

एलियन के रूप में दुश्मन के जहाज भी हो सकते हैं (ऐसी आशंका जताई जा सकती है)

जब पाकिस्तान जैसे पिद्दु से देश के जहाज़ हमारे संवेदनशील कश्मीर क्षेत्र में हाई अलर्ट के बावजूद दिन दहाड़े घुस सकते हैं तो चीन के जहाज भी घुसकर इस तरह का दुस्साहस कर सकते हैं. 

लेकिन किसी भी परिस्थिति में देश की जनता को अंधेरे में रखना ख़ुद सरकार और देश के हित में नहीं होता..

यदि युद्ध ही होना है तो फिर विरोध कैसा???





Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc