ADM साहब पटवारियों से दारू, चिकन बुलाते थे, SDM से नहीं देखा गया, उठाया कदम तो हटा दिए गए




एडीएम साहब की ऊल-जुलूल फरमाइशें रहती थीं. रोज बेचारे पटवारियों को परेशान करते थे. दारू, चिकन बुलाते थे. एसडीएम शिवानी रायकवार से नहीं देखा गया, उठाया कदम तो हटा दिए गए.. 

एसडीएम ने व्‍हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज डाला, जिसमें लिखा था कि 'कृपया ध्यान दें, समस्त पटवारी, आरआई, नायब तहसीलदार और तहसीलदार साहिबान ध्यान दें. अगर आप में से किसी ने भी किसी भी स्तर पर एडीएम को दारू, चिकन आदि पहुंचाया, तो मेरे द्वारा आपके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और अनाधिकृत लाभ पहुंचाने संबंधी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी.' हालांकि बाद में दबाब के बाद एसडीएम शिवानी रायकवार का कहना रहा कि 'यह मैसेज तो पुराना हो गया है. एडीएम साहब की ऊल-जुलूल फरमाइशें रहती थीं. रोज बेचारे पटवारियों को परेशान करते थे. इसलिए हमने ग्रुप में डाला. दो-ढाई महीने हमारा अमला परेशान रहा. पटवारियों ने इसके लिए कलेक्टर साहब को ज्ञापन भी दिया था. अभी वर्तमान में तो उनके द्वारा कोई ख्वाहिश नहीं की जा रही है.', लेकिन मैसेज का असर हो गया है. एडीएम दिलीप मंडावी को हटा दिया गया है.  


ये था  व्‍हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज    

जब अति हो गई तो गुना की एसडीएम शिवानी रायकवार जिले के अपर कलेक्टर दिलीप मंडावी के खिलाफ खुल कर सामने आ गईं. उन्होंने अपर कलेक्टर दिलीप मंडावी पर गंभीर आरोप लगा दिए. एसडीएम ने कुछ दिन पहले अपने अधीनस्थों के व्‍हाट्सएप ग्रुप पर एक मैसेज डाल दिया. इसमें उन्होंने लिखा कि 'कोई भी एडीएम को दारू और चिकन नहीं पहुंचाएगा. अगर किसी ने ऐसा किया, तो उसके खिलाफ मैं कार्रवाई करूंगी." हालांकि बाद में मामले ने तूल पकड़ा, तो उन पर दबाब पड़ा और उन्होंने पटवारियों को बुलाकर उनके मोबाइल से इसे डिलीट भी करा दिया था. अपर कलेक्टर मंडावी ने जानकारी न होने की बात कही. वहीं कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार ने इस बारे में बात करने से मना कर दिया. लेकिन मामला सुलझा नहीं सरकार ने अपर कलेक्टर मंडावी को हटा कर मंत्रालय पदस्थ कर दिया है. 

एसडीएम शिवानी रायकवार का शिकायती पत्र 






प्रशासनिक गलियारे में चर्चा का विषय
एसडीएम का यह मैसेज प्रदेश भर में प्रशासनिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है. बताया जा रहा है ऐसे और भी कई मामले हो सकते हैं, लेकिन अपने से वरिष्ठ अधिकारी पर आरोप लगाना अनुशासनहीनता माना जाता है सो सामने नहीं आ पाते. लेकिन मध्यप्रदेश के गुना एसडीएम शिवानी रायकवार की हिम्मत की दाद देनी होगी कि दबाब पड़ा, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग से उनकी लिखित शिकायत तक कर दी. परिणाम मुख्य सचिव ने शिकायत को गंभीरता से लिया और आज सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से गुना अपर कलेक्टर दिलीप मंडावी को हटाए जाने के आदेश जारी हो गए. उन्हे भोपाल अटैच किया गया है. 

गुना एसडीएम शिवानी रायकवार ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दिलीप मंडावी की मांगों और पूरी नहीं करने पर दी जाने वाली धमकियों से भी अवगत कराया. एसडीएम शिवानी रायकवार ने मुख्य सचिव को लिखा है कि अपर कलेक्टर की ओर से मांस-मदिरा के अलावा अन्य निजी उपयोग की वस्तुओं की भी मांग की जाती है. इसके साथ ही यह भी धमकी दी जाती है कि मांग पूरी नहीं करने पर झूठे केस में फंसाकर भविष्य खराब कर देंगे.

पत्र में एसडीएम ने मुख्य सचिव को यह भी बताया गया है कि अपर कलेक्टर के खाने-पीने के सारे बिलों का भुगतान उन्हें ही करना पड़ता है. इसके बावजूद अपर कलेक्टर दिलीप मंडावी कार्यालय में बुलाकर या मोबाइल फोन पर उन लोगों के साथ अभद्रता करते हैं. मंडावी पिछले तीन माह से विश्राम गृह में रह रहे हैं, जिसका भुगतान उन लोगों को ही करना पड़ता है. 

शिकायती पत्र में गुना नगर तहसील की नायब तहसीलदार सोनू गुप्ता और राजस्व निरीक्षक कैलास नारायण साहू के अलावा तहसील के नौ पटवारियों क्रमश: महेंद्र शर्मा, शिवशंकर ओझा, संजीव कुमार अहिरवार, सुनील रघुवंशी, अजय सेलर, मनोज यादव, रचना मीना और राजेश बुनकर के नाम शामिल हैं. 





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