एक आशा कार्यकर्ता की फ्री की सलाह ने बदल दी उनकी जिन्दगी, 20 साल बाद परिवार में गूंजी किलकारी




फ्री की सलाह भी कभी कभी खूब काम कर जाती है. ऐसा ही हो गया इस परिवार के साथ आज खुशियों का कोई ठिकाना नहीं रहा. 'जिसका मुझे था इंतजार...' गीत की ये पंक्तिया जिले के ग्राम झालकी निवासी अनीता पर सटीक बैठती हैं, क्योंकि अनीता शादी के 20 साल बाद मां बनी है. अनीता अपनी जिंदगी को बेरंग मानती थी क्योंकि वह शादी के इतने वर्षों बाद भी मां नहीं बन पा रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के अंतर्गत संचालित रौशनी क्लीनिक द्वारा किए गए उपचार से अनीता के इंतजार की घड़ियां खत्म हुई और उसने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया.  

जिले के इछावर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंतर्गत ग्राम झालकी निवासी अनीता के विवाह को 20 वर्ष हो चुके थे परंतु कोई संतान नहीं थी. विवाह के उपरांत कई सालों तक उन्होंने भोपाल, उज्जैन, इंदौर के प्रायवेट अस्पतालों में करीब 2 लाख 50 हजार रूपए बच्चा होने की चाह में खर्च किए परंतु कोई लाभ नहीं मिला. झालकी आरोग्य केन्द्र की आशा कार्यकर्ता श्रीमती अर्चना वर्मा ने प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के अंतर्गत संचालित रौशनी क्लीनिक के संबंध में अनीता को जानकारी दी कि वहां जाने पर तथा निःसंतानता से संबंधित सारी जांचे कराने के पश्चात फायदा जरूर  होगा. 

वर्मा दंपत्ति द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर में मातृ शिशु स्वास्थ्य केन्द्र में स्थित रौशनी क्लीनिक में पहुंचकर डीपीएचएन श्रीमती गायत्री राव से संपर्क किया गया, जहां पर विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ.अमीता श्रीवास्तव तथा डॉ.सुजाता परमार द्वारा निःसंतानता की निःशुल्क जांच कर उचित उपचार की सलाह दी गई. राज्य बीमारी सहायकता निधि के अंतर्गत शासकीय व्यय पर श्रीमती अनीता का उपचार भोपाल में किया गया. जहां आईवीएफ तथा आईयूएफ प्रथम व द्वित्तीय जांच कराई गई और समस्त उपचार किया गया. माह सितंबर 2018 में उक्त महिला गर्भवती हुई और 01 जून 2019 को दोपहर 310 मिनट पर एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया. पुत्र रत्न की प्राप्ति से श्रीमती अनीता वर्मा पति विनोद वर्मा के घर 20 वर्ष बाद किलकारी गूंजते ही पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. 

श्री विनोद वर्मा ने बताया कि इस योजना ने उनके सूने घर-आंगन में खुशियां भर दीं. बच्चे की दादी गीता बाई ने भी स्वास्थ विभाग के द्वारा किए गए इस उपचार के लिए धन्यवाद दिया तथा कहा कि उसने तो दादी बनने की आस ही छोड़ दी थी, मगर सरकार की इस योजना ने नई उम्मीद जगा दी और मुझे पोते का सुख पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ उसने कहा हमारा पूरा परिवार बेहद खुश है.     

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