प्रजातंत्र में चुनाव जनपर्व, लेकिन कर्मचारियों के लिए नहीं, क्या यह अभिव्यक्ति की आजादी का हनन नहीं?



मुद्दा तो है    


प्रजातंत्र में चुनाव जनपर्व कहा जाता है, लेकिन कर्मचारियों के लिए नहीं? यही कहा जाएगा आज के इस तरह के हालात देखकर. नेता या आम जनता अभिव्यक्ति की आजादी का जम कर मखौल तक उड़ा लें, लेकिन एक कर्मचारी से गलती से भी कोई ऐसी पोस्ट जो राजनीति से जुड़ी फ़ॉरवर्ड भी हो जाए तो खैर नहीं.   

हाल में मध्यप्रदेश में बिलौआ के टीआई अभय प्रताप सिंह को ग्वालियर एसपी नवनीत भसीन ने ऐसे ही एक मामले में लाइन अटैच कर दिया है. इसके बाद से कई सवाल खड़े हो गए हैं. कहा जा रहा है ब कोई एक कर्मचारी बन जाता है, तो क्या वह देश का नागरिक नहीं रह जाता? ऐसे में क्या वह देश का नागरिक होने के अधिकार खो देता है? जब वह किसी एक अपनी पसंद के प्रत्याशी को वोट कर सकता है तो वह किसी एक विचारधारा से जुड़ कर उसे आगे बढ़ाने में काम क्यों नहीं कर सकता? क्या यह अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता का हनन नहीं?  



यह सवाल सोशल मीडिया फेसबुक/वाट्सएप ग्रुप पर राजनीति से जुड़ी पोस्ट डालने वाले अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही के बाद उठ रहे हैं. हाल में मध्यप्रदेश में बिलौआ के टीआई अभय प्रताप सिंह को ग्वालियर एसपी नवनीत भसीन ने ऐसे ही एक मामले में लाइन अटैच कर दिया है. 

असल में बिलौआ थाने के टीआई अभय प्रताप सिंह ने एक वाट्सएप ग्रुप पर यू-ट्यूब लिंक शेयर की थी. यू-ट्यूब लिंक कांग्रेस के समर्थन में थी. इसमें प्रियंका गांधी का एक भाषण था. टीआई की पोस्ट का स्क्रीन शॉट लेकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. साथ ही पुलिस अधिकारियों को भी भेज दिया. 

टीआई की पोस्ट एसपी नवनीत भसीन के पास भी पहुंच गई. एसपी ने इस मामले की जांच कराई. जांच में सामने आया कि टीआई ने पोस्ट डाली थी. इस पर एसपी ने टीआई को लाइन अटैच कर दिया, लेकिन मामले के बाद सवाल उठने लगे हैं प्रजातंत्र में चुनाव जनपर्व कहा जाता है, लेकिन क्या यह जनपर्व कर्मचारियों के लिए नहीं? और क्या यह कर्मचारियों की अभिव्यक्ति की आजादी का हनन नहीं?

ये लेक्चरर को भविष्य बताना पड़ गया भारी 
इसके पूर्व भी मध्यप्रदेश सरकार ने चुनाव नतीजों की भविष्यवाणी करने वाले उज्जैन विक्रम यूनिवर्सिटी के एक लेक्चरर को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सस्पेंड कर दिया है. 

दरअसल यूनिवर्सिटी के संस्कृत लेक्चरर राजेश्वर शास्त्री मुसलगांवकर ने फेसबुक पोस्ट में भविष्यवाणी की थी कि चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत होगी. उनके अनुसार बीजेपी के पक्ष को 2014 लोकसभा चुनाव से इस चुनाव में ज्यादा सीटें मिलेंगी. 


लेक्चरर ने अनुमान बताया था कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 300 सीटें मिलेंगी और एनडीए को 300 से अधिक सीटें मिलेंगी. फेसबुक पोस्ट के वायरल होते ही उन्हें सस्पेंड कर दिया गया. 






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