अबूझ पहेली


आज फिर एक नवविवाहिता 
दुनिया से विदा हो गई 
मां की लाड़ली 
पिता की दुलारी 
मौत की नींद सो गई 
न बता सकी तकलीफ अपनी 
न सुना सकी दर्द अपना 
सही होगी न जाने कितनी पीड़ा 
डूबी होगी जरुर दर्द के सागर में 
आज फिर एक बेटी 
मां- बाप से जुदा हो गई 
पोस्टमार्टम कहती 
यह तो है एक आत्महत्या 
मां बाप कहते 
मेरी बहादुर बेटी नहीं कर सकती आत्महत्या 
एक बेटी की मौत आज फिर 
एक अबूझ पहेली बन गई
एक बेटी मौत की नींद सो गई

उन्नाव, उत्तर प्रदेश
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News Digital India 18

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