जीत के दावे लाखों में साथ में 1 दर्जन भी नहीं, कहीं अपने ही निपटाने में तो नहीं लगे


उज्जैन में बीजेपी प्रत्याशी अनिल फिरोजिया की जीत के दावे भाजपाई लाखों में कर रहे हैं, लेकिन प्रचार में नजारा कुछ और ही देखने को मिल रहा है. कम से कम आईना तो झूंठ नहीं बोलता... कहीं अपने ही निपटाने में तो नहीं लगे, क्योंकि यह राजनीति है यहाँ कोई अपना ही अपने की पीठ में कब छुरा भौंक दे, पता ही नहीं चलता. आदमी संभल ही नहीं पाता. 




उज्जैन से प्रशांत अन्जाना की रिपोर्ट  

जैसा कि लोग बता रहे हैं कहीं अपने ही निपटाने में तो नहीं लगे, इस बात की ये तस्वीरें गवाह हैं. पहली तस्वीर उज्जैन उत्तर से विधायक पारस जैन की है जो चलने में असमर्थ हैं सो प्रचार वाहन में स्टूल पर बैठ कर प्रचार कर रहे हैं, लेकिन उनके साथ से कार्यकर्ताओं की भीड़ गायब है. 

दुसरी तस्वीर मंगलवार को प्रभात फेरी की है, जिसमें भाजयुमो अध्यक्ष अभय आप्टे और मंडल अध्यक्ष मोहन जायसवाल की टीम को मिलाकर एक दर्जन का आंकड़ा भी पार नहीं हो सकी है और दावा लाखों में जीत का किया जा रहा है. लोगों में आम चर्चा है यह कैसे संभव है? कहीं अपने ही निपटाने में तो नहीं लगे. क्योंकि यह राजनीति है यहाँ कोई अपना ही अपने की पीठ में कब छुरा भौंक दे, पता ही नहीं चलता. आदमी संभल ही नहीं पाता. 

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