कैलाश सत्यार्थी ने कहा 'प्रज्ञा जैसे लोग गांधी की आत्मा की हत्या कर रहे हैं, भाजपा सत्ता का मोह छोड़, पार्टी से निकाल कर राजधर्म निभाए'


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नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी Kailash Satyarthi ने ट्विट कर कहा है 'गोडसे ने गांधी के शरीर की हत्या की थी, लेकिन प्रज्ञा जैसे लोग उनकी आत्मा की हत्या के साथ, अहिंसा, शांति, सहिष्णुता और भारत की आत्मा की हत्या कर रहे हैं. गांधी हर सत्ता और राजनीति से ऊपर हैं. भाजपा नेतृत्व छोटे से फायदे का मोह छोड़ कर उन्हें तत्काल पार्टी से निकाल कर राजधर्म निभाए.
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नाथूराम गोडसे पर दिए बयान से देश भर में मचा बबाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीजेपी ने जल्दबाजी में गलत प्रत्याशी भोपाल के लिए चुन लिया कहा जा रहा है, वहीं पार्टी को प्रज्ञा को बाहर कर भूल सुधार कर लेना चाहिए जैसी सलाह भी दी जा रही है. 

नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भी ट्विट कर कहा है 'गोडसे ने गांधी के शरीर की हत्या की थी, लेकिन प्रज्ञा जैसे लोग उनकी आत्मा की हत्या के साथ, अहिंसा, शांति, सहिष्णुता और भारत की आत्मा की हत्या कर रहे हैं. गांधी हर सत्ता और राजनीति से ऊपर हैं. भाजपा नेतृत्व छोटे से फायदे का मोह छोड़ कर उन्हें तत्काल पार्टी से निकाल कर राजधर्म निभाए. 
गोडसे ने गांधी के शरीर की हत्या की थी, परंतु प्रज्ञा जैसे लोग उनकी आत्मा की हत्या के साथ, अहिंसा,शांति, सहिष्णुता और भारत की आत्मा की हत्या कर रहे हैं।गांधी हर सत्ता और राजनीति से ऊपर हैं।भाजपा नेतृत्व छोटे से फ़ायदे का मोह छोड़ कर उन्हें तत्काल पार्टी से निकाल कर राजधर्म निभाए।
भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया है, हालांकि बाद में उन्होंने बयान वापस ले लेकर माफी भी मांग ली, लेकिन उनकी माफी के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. बजह है पार्टी के कई बड़े नेता भी प्रज्ञा की बात से सहमति व्यक्त करते नजर आये. 
मध्यप्रदेश बीजेपी प्रवक्ता अनिल सौमित्र द्वारा तो खुलकर महात्मा गांधी के राष्ट्रपिता होने पर सवालिया निशान लगाया गया, हालांकि इसके लिए उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है, लेकिन वे अपनी बात 'राष्ट्रपिता थे, लेकिन पाकिस्तान राष्ट्र के' पर अब भी अड़े हुए हैं.  
इसके बाद से अब बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर नाथूराम गोडसे का महिमामंडन कर रहे हैं, बल्कि महात्मा गांधी की छीछालेदार भी कर रहे हैं. उनके राष्ट्रपिता होने पर भी सवाल खड़े किये जा रहे हैं.  

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