दोस्ती को सबसे बड़ा रिश्ता यूं ही नहीं कहते, दोस्त को मगरमच्छ के जबड़े से खींच कर साबित किया



प्रतीक फोटो 

दोस्ती को सबसे बड़ा रिश्ता यूं ही नहीं कहते. यह साबित किया आज इन दोस्तों ने. गुजरात के साबरकांठा जिले में 14 वर्षीय एक किशोर को मगरमच्छ ने पकड़ लिया, लेकिन उसके दोस्तों ने सतर्कता से काम करते हुए उसे बचा लिया.


असल में संदीप कमलेश परमार और उसके दोस्त साबरकांठा के गुणभखारी गांव में एक नदी में सोमवार को तैरने गए थे, तभी एक मगरमच्छ ने संदीप के दाएं पैर को अपने जबड़े में दबोच लिया. 

जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रहा संदीप मदद के लिए चीखा तो उसके दोस्त उसकी ओर दौड़े और उन्होंने मगरमच्छ पर पत्थर फेंकने शुरू किए. इसके बाद मगरमच्छ ने संदीप का पैर छोड़ दिया और उसके दोस्त उसे नदी से किनारे खींच लाए. 

बाद में संदीप को खेड़ ब्रह्म शहर में एक सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अश्विन गढवी ने आज मंगलवार को फोन पर बताया कि संदीप के घुटने के नीचे की हड्डी बुरी तरह टूट गई है, उन्होंने संदीप की जान बचाली गई है. इसके लिए उन्होंने उसके सतर्क मित्रों की प्रशंसा की. 

उन्होंने कहा शुरुआती आवश्यक चिकित्सकीय मदद देने के बाद हमने उसे बेहतर उपचार के लिए हिम्मतनगर जिला अस्पताल भेज दिया है. संदीप के पिता ने भी उसके मित्रों को धन्यवाद दिया. 



Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc