'धृतराष्ट्रों के कारण हारे' राहुल ने बताई हार की बजह, तो उठे सवाल 'आप मजबूर क्यों थे?'




बहुत उम्मीद थी, हो भी क्यों न, जब हाल के विधानसभा चुनावों में सरकार बनी हो, लेकिन जो नतीजे आये वे बेहद चौकाने वाले रहे. जहाँ हाल में विधानसभा चुनावों में सरकार बनी, वहां ही सफाया हो गया. तो विचार करना लाजिमी है. 
- बलभद्र मिश्रा     

आज जितनी चर्चा मोदी की जीत की हो रही है, कांग्रेस की हर की चर्चा भी उससे कहीं कम नहीं हो रही है. स्वाभाविक है सभी अपनी जीत या हार के बाद उसका आंकलन करते हैं कि क्या बजह रही, लेकिन यह क्या राहुल ने कांग्रेस समिति की बैठक में जो कहा जो बताया वह काफी कांग्रेस के लिए काफी चिंताजनक है. राहुल ने बताया मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने बेटों को टिकिट दिलाने में ज्यादा जोर दिए, जबकि वह इसके पक्ष में नहीं थे. 

तो क्या कांग्रेस अपने ही 'धृतराष्ट्रों' के कारण हारी? अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार बैठक में राहुल गांधी काफी गुस्से में दिखे. रिपोर्ट के अनुसार राहुल ने यह बात कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की उस टिप्पणी पर कही, जिसमें उन्होंने स्थानीय नेताओं को तैयार करने की बात कही थी. लेकिन इस बात के सार्वजानिक होने के साथ यह सवाल भी उठाने लगा है कि राहुल मजबूर क्यों थे? और यदि मुखिया ही मजबूरी में अनचाहे फैसले लेगा तो सफलता कैसे मिल सकती थी? 

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News Digital India 18

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