भोपाल में 500 बच्चे भिक्षावृत्ति करते मिले, भीख मंगवाने वाले दो गिरोह पकड़ाये, 44 आजाद


  • कमिश्नर श्रीमती श्रीवास्तव के प्रयासों से दो गिरोह पकड़े गए
  • हैदराबाद और कानपुर से बाल भिक्षावृत्ति के लिए लाए गए 44 बच्चों का रेसक्यू
  • बच्चों के साथ 7 पुरूष और 16 महिलाओं को भी गिरफ्त में लिया गया गया
  • सघन पूछताछ जारी, बच्चों की उम्र 3 से 15 वर्ष के बीच


कमिश्नर श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव के संभाग को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त कराकर नौनिहालों को खुशहाल जीवन देने के लिए लगातार जारी प्रयासों को आज एक बड़ी सफलता मिली, जब रैकेट के रूप में बच्चों से भीख मंगवाने वाले दो गिरोह को गिरफ्त में लिया गया. इन गिराहों से 44 बच्चों को 7 पुरूष और 15 महिलाओं के साथ पकड़ा गया है. रेसक्यू किए गए बच्चों को फिलहाल श्यामला हिल्‍स स्थित अनुसूचित जनजाति छात्रावास में रखा गया है, जहां उनके स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही भोजन आदि की व्यवस्था की गई है.


26 बच्चों 3 पुरूष और 9 महिलाएं जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के सीआई कालोनी क्षेत्र से जबकि 18 बच्चे, 4 पुरूष और 7 महिलाएं अशोका गार्डन क्षेत्र से पकड़े गए हैं. कईं दिनों की मेहनत के बाद पुलिस चाइल्ड लाईन और महिला बाल विकास के अधिकारियों की संयुक्त कार्यवाही में इन बच्चों- महिलाओं को पकड़ा गया है. मौके से पकड़े गए सभी व्यक्तियों से सघन पूछताछ जारी है. 

सीआई कालोनी से रेसक्यू किए गए बच्चों के साथ पकड़े गए व्यक्तियों ने बताया कि इन्हें हैदराबाद से लगभग दो माह पूर्व यहां लाकर दो कमरों में रखा गया था तथा उनसे भीख मंगवाई जा रही थी. ये सभी बच्चे सक्षम हैं, लेकिन इनका अक्षम हुलिया बनाकर इनसे भीख मंगवाई जा रही थी. इनके पास से ट्रायसिकल भी बरामद की गई है. इसी तरह अशोका गार्डन से रेसक्यू बच्चों को भी अक्षम हुलिया बनाकर भीख मंगवाई जा रही थी. ये कानपुर से यहां कुछ माह पहले आए हैं. बच्चों की उम्र 3 से 15 वर्ष के बीच होना पाया गया है. एक एनजीओ द्वारा दी गई सूचना के आधार पर जहांगीराबाद डीएसपी श्री सलीम खान, महिला एवं बाल विकास की संयुक्त संचालक श्रीमती स्वर्णिमा शुक्ला के अलावा बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाईल्ड हेल्प लाईन की श्रीमती अर्चना सहाय की संयुक्त टीम द्वारा उक्त दोनों स्थानों पर छापामार कार्यवाही की गई. 

कमिश्नर श्रीमती श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक विभिन्न धार्मिक स्थलों के बाहर, ट्रेफिक सिग्नल, रेल्वे स्टेशन तथा बस स्टैंड से बाल भिक्षावृत्ति करते हुए लगभग 500 बच्चे पाए गए हैं. खुशहाल नौनिहाल अभियान की कार्य योजना के तहत पकड़े गए बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा पुनर्वास के कार्य जारी हैं और प्रत्येक बच्चे के आधार पर इस कार्य की ऑनलाईन मॉनीटरिंग भी की जा रही है. 

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