प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेहरे का रंग ‘नाराज फूफा’ जैसा क्यों बना रहा, क्या 'गई भैंस पानी में'




यह तो 23 को पता चलेगा किसका क्या पैक होता है, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में साहब जी के चेहरे का रंग कुछ जमा नहीं. जैसे बता रहा हो कि 'गई भैंस पानी में.' आखिर क्यों लगे शादी में आये 'नाराज फूफा' जैसे?
- बलभद्र मिश्रा    


ABP news घंटी बजा रहा है 5 साल पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, पूछे गए 19 सवाल, क्या सोचते रहे पीएम मोदी? घंटी बजाओ. वहीं NDTV पर पत्रकार श्री मनोरंजन भारती ने अपनी रिपोर्ट में सोशल मीडिया यूजर्स के हवाले से आखिर उन्हें ‘नाराज फूफा’ ही बता दिया.


असल में जब यह खबर आई कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे तो सिर्फ न्यूज रूम में ही नहीं जो लोग घरों में टीवी पर थे, चिपक गए देखें अब क्या जबाब देंगे प्रधानमन्त्री मोदी. सवालों की तैयारी करते पत्रकार कहने लगे चलो जिस दिन का पिछले पांच साल से इंतजार था, वह घड़ी आ ही गई, लेकिन यह क्या पत्रकारों को आज भी निराशा हाथ लगी. 

मोदी-शाह की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस तरह का रिएक्शन पीएम मोदी ने दिया, अब उसे लेकर, उनकी चुप्पी को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या मोदी सवालों से बचना चाहते हैं. कांफ्रेस के दौरान लगभग पूरे समय जिस प्रकार से वे चुप रह बैठे रहे, यहाँ तक कि पत्रकार सीधे उनसे सवाल के जबाब चाह रहे थे, तब भी वे शाह की तरफ इशारा करते नजर आये. प्रधानमन्त्री मोदी ने जैसा कि खुद बताया वे सीधे मध्यप्रदेश से लौटकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे थे, तो क्या मध्यप्रदेश में कुछ हो गया या प्रज्ञा पर जैसा कि उन्होंने बयान दिया है, वह बात है, या फिर कुछ और, जो जमा नहीं. या जैसी कि चर्चाओं में है क्या कोई और सरकार चला रहा है? या जैसा कि सोशल मीडिया पर उठ रही बातें कि उन्हें लग गया है थैला पैक होना है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में साहेब जी के चेहरे का रंग कुछ जमा नहीं, जैसे बता रहा हो कि गई भैंस पानी में. 



NDTV पर पत्रकार श्री मनोरंजन भारती ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है जैसे ही न्यूज़ रूम में खबर आई कि प्रधानमन्त्री मोदी जी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आ रहे हैं, सभी पत्रकार अपने-अपने सवालों के साथ तैयारी करने लगे, लेकिन प्रधानमंत्री आए और बैठे.. बीजेपी अध्यक्ष ने सबसे पहले बोलना शुरू किया और 22 मिनट तक लगातार बोलते रहे, जैसे किसी रैली में बोल रहे हों. फिर प्रधानमंत्री को माइक दिया गया और वे 12 मिनट तक अपनी बात कहते रहे.

इसके बाद शुरू हुआ सवाल-जबाब का दौर सभी बीजेपी बीट के पत्रकार तैयार थे अपने सवालों को लेकर. उन्होंने अपने नाम पुकारे जाने पर पूछना भी शुरू किया, मगर ये क्या जो भी सवाल प्रधानमंत्री से पूछा जाता था, वे अमित शाह की तरफ इशारा कर देते थे और अमित शाह ही जवाब दे रहे थे. प्रधानमंत्री मूकदर्शक बने हुए थे. करीब 17 मिनट तक अमित शाह उन सवालों का जवाब देते रहे जो प्रधानमंत्री से पूछे जा रहे थे. 

आखिरकार पत्रकार निराश हुए. तात्कालिक प्रतिक्रिया थी कि इससे अच्छा प्रधानमंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस करना ही नहीं चाहिए थी. सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री की 5 साल की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस का खूब मजाक बना. किसी ने लिखा कि ‘प्रधानमंत्री शादी में आए उस फूफा की तरह दिख रहे थे, जो किसी भी बात पर नाराज हो जाते हैं.’ 

वहीं राहुल गांधी ने इस पर चुटकी लेते हुआ कहा कि 'शानदार, प्रधानमंत्री का मीडिया के सामने आना भी आधी जंग जीतने जैसा है.. अगली बार मिस्टर शाह आपको एकाध सवाल का जबाब भी देने की इजाजत दे.'

पूरी रिपोर्ट देखें -  



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