4 माह पुरानी कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा ने जारी किया आरोप पत्र, नहीं हुआ कर्जा माफ़, न ही हुए बिल हाफ


मध्यप्रदेश भाजपा ने 4 महीने पुरानी प्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ 12 पन्नों का एक आरोप पत्र आज शनिवार को जारी किया। इसमें कांग्रेस सरकार पर जनता से वादा खिलाफी करने व छल- कपट के जरिए सत्ता में आने का आरोप लगाए गए हैं। ‘बंटाढार का नया अवतार कांग्रेस की कमलनाथ सरकार’ शीर्षक से जारी इस आरोप पत्र का विमोचन पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान, पार्टी के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे एवं अन्य नेताओं ने किया।

छलावा साबित हुई किसानों की कर्जमाफी
इस मौके पर श्री चौहान ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने ने कहा कि कांग्रेस अब तक अपने एक भी वादे पर खरी नहीं उतरी है। किसानों की कर्जमाफी की ही बात की जाए तो मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि एक भी किसान का दो लाख रुपए का कर्ज माफ नहीं हुआ है। कांग्रेस जो दावे कर रही है, उनमें केवल प्राथमिक सहकारी समिति व सहकारी बैंकों के कर्जदार किसान शामिल हैं। इनमें भी अधिकांश ऐसे, जिनका कर्ज एक लाख का लेकिन माफ हुए एक हजार रुपए।

श्री चौहान ने कहा, कि कर्जमाफी की हकीकत को इस बात से ही समझा जा सकता है,कि प्रदेश सरकार ने इस मद में केवल 5 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए और बैंकों व समितियों को आवंटित किए महज 13 सौ करोड़ रुपए। बावजूद इसके, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ इस चुनाव में भी लगातार झूठ का सहारा ले रहे हैं। इनके दावों में ही विरोधाभाष है। एक कर्ज माफी का दावा कर रहा है तो दूसरा किसानों को एसएमएस भेज कर चुनाव बाद कर्जमाफी का आश्वासन दे रहा है। वहीँ, कर्जमाफी नहीं होने से निराश किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं।

बिल तो आधे हुए नहीं, बिजली ज़रूर गुल हो गई
इसी तरह,बिजली बिल की रकम आधी करने की बात कही गई। बिल आधे होना तो दूर बिजली ही गायब हो गई। आलम यह है,कि मुख्यमंत्री वोटिंग करने जाते हैं तो मतदान केंद्र की बत्ती गुल हो जाती है। छिंदवाडा में उनके अपने निवास की बिजली गुल हो रही है।

भोपाल में कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह को जेनरेटर साथ लेकर चुनावी सभाएं करना पड रहा है। इसके लिए भी भाजपा को दोषी बताया जा रहा है। बिजली कंपनियों के कर्मचारियों पर दोष मढा जा रहा है। उन्होंने कहा,कि यदि आप बिजली गुल होने से दूसरों को नहीं रोक पा रहे हो। इसका अर्थ है,कि आप सरकार चलाने के लायक नहीं,तो छोड़ो सत्ता।

संबल जैसी जनहितैषी योजना बंद कर अब नया वादा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विस चुनाव में कांग्रेस ने युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही,लेकिन बीते 120 दिनों में एक भी युवा को यह भत्ता नहीं मिला। श्री चौहान ने कहा,कि मेरे कार्यकाल में शुरु की गई संबल व अन्य जनहितैषी योजनाओं को बंद कर अब न्याय योजना में 12 हजार देने के वादे कर रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, कि कांग्रेस ने पंचायत प्रतिनिधियों को विकास राशि बढाने, पंचायत विकास प्लान लाने, ‘सबला महिला सभाएं’ करने की बात कही थी,लेकिन इस दिशा में भी कुछ नहीं हुआ। शहरी क्षेत्रों में भी विकास कार्य ठप्प हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली ध्वस्त हो गई है।

पिछडे वर्ग को आरक्षण बढाना भी दिखावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,कि पिछडे वर्ग का आरक्षण प्रतिशत बढाने का भी केवल दिखावा किया गया, यदि यह इतना आसान होता तो मैं न कर देता। कांग्रेस भी जानती है, कि संविधान में संशोधन बिना यह संभव नहीं,लेकिन इस मामले में भी वर्ग विशेष को छला गया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने बहुत पहले आरक्षण प्रतिशत बढा लिया था। इसके बाद सुप्रीमकोर्ट की ओर से नई रुलिंग आने के बाद कोई भी राज्य सरकार आरक्षण का प्रतिशत 50 से अधिक नहीं कर सकती।

श्री चौहान ने कहा,कि पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने की घोषणा भी महज कागजी साबित हुई। पर्यटन का विकास रुक गया। गरीब परिवारों को प्रति माह चार किग्रा दाल देने का वादा भी झूठा निकला। गौ-वंश संरक्षण मजाक बन कर रह गया। आज तक एक भी नई गौशाला प्रदेश में नहीं खुली।

इसी तरह,आध्यात्मिक विरासत बेसहारा हो गई तो खेल क्षेत्र में भाई-भतीजावाद पनपा । शिक्षा के क्षेत्र में निराशा का वातावरण बना । स्वास्थ्य सेवाएं भी चरमरा गई। सत्ता पाने के लिए कांग्रेस प्रदेश के सीधे-सादे आदिवासियों को भी छलने से नहीं चुकी।

संगठित अपराध बढे, कानून व्यवस्था चौपट हुई
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,कि कांग्रेस के सत्ता में आते ही प्रदेश में अपहरण,लूट,हत्या जैसे संगठित अपराध बढ गए। कानून व्यवस्था चौपट है। दुर्भाग्य की बात यह कि अपराधियों को राजनैतिक संरक्षण मिल रहा है। विधायक के बेटे पर अपराध दर्ज होते ही उसी रात एसपी को हटा दिया जाता है।

औद्योगिक क्षे़त्र में निराशा है,केवल एक उद्योग चल रहा है. वह तबादला उद्योग। तबादले भी ऐसे कि एक ही दिन में एक व्यक्ति के तीन बार तबादले हो रहे हैं। इसके भी रेट फिक्स हैं। प्रदेश में बढ रही इस अराजकता की स्थिति को देखते हुए ही प्रदेश भाजपा को यह आरोप पत्र लाने पर बाध्य होना पडा।

भगवा आतंकवाद गढ साध्वी को बनाया मोहरा
एक सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, कि योजनाबद्ध तरीके से देश में भगवा, हिंदु आतंकवाद शब्द गढे गए। इसकी आढ में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मोहरा बनाया गया। उन्हें जो यातनाएं दी गई। वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती और इस समूचे घटनाक्रम के सूत्रधार कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह रहे। इसके चलते ही साध्वी को उनके मुकाबले में मैदान में उतारा गया।

सत्ता का खेल कौन बिगाड़ रहा है ?
श्री चौहान ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार कह रही है, उसे खजाना खाली मिला तो दूसरी ओर भोपाल से प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के पास खजाने की चाबी होने की बात मुख्यमंत्री कह रहे हैं। अब यह चाबी किसके पास है। इसे लेकर भी भ्रम है। दूसरी ओर बसपा के प्रत्याशी को कांग्रेस में लाने पर मायावती समर्थन लेने की धमकी दे रही हैं। सत्ता का खेल बिगाडने, अस्थिरता पैदा करने का यह काम कौन रहा है? इसे समझा जाना चाहिए।

इस मौके पर पार्टी के एक अन्य राष्टीय उपाध्यक्ष व सांसद प्रभात झा, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह,पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुनावत, मप्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय, राजौ मालवीय व अन्य नेता मौजूद थे।
Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc