यह है विवाद की असली बजह 'कांग्रेस को खत्म करो, नहीं तो वो तुम्हें खत्म कर देगी'


''हिन्दुओं और दूसरे धर्म के भी जितने लोग हैं, जिन्हें इस मिट्टी से प्यार है, सब कुछ भूल जाओ. जाति, धर्म, संप्रदाय, सबकुछ. ये तुम्हारे लिए चुनाव नहीं, अग्निपरीक्षा है. करो या मरो की स्थिति है, चूके तो आने वाली पीढ़ियों की हालत के जिम्मेदार तुम खुद होवोगे. कांग्रेस को खत्म करो, नहीं तो वो तुम्हें खत्म कर देगी. ये कैसी अभिव्यक्ति की आजादी?''

कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में क्या कहा और उसका क्या मतलब निकाला गया, इसके बाद से वह कुछ ज्यादा ही चर्चा में है. लोग लिख रहे हैं कांग्रेस के घोषणा पत्र को ध्यान से पढ़िए और समझने की कोशिश कीजिये कि ये किसके लिए है, क्यूं है? अगर आपको लगता है कि ये यूं ही है, कुछ भी लिख दिया है तो आप गलत हैं. बताया जा रहा है ये घोषणापत्र जिनके लिए लिखा गया है, उनको ये बाखूबी समझ में आ रहा है. 

कांग्रेस का कहना है वो #NRC कानून को खत्म करेगी. इसका मतलब निकाल कर बताया जा रहा है रोहिंग्या-बांग्लादेशियों को नहीं निकाला जाएगा, उनको नागरिकता दी जाएगी. 

कांग्रेस के सबसे गरीब 20% लोगों को 6000/- रूपया महीना देने पर मतलब निकाल कर बताया जा रहा है, इसके लिए देश में अलग से एक नया टैक्स लगाया जाएगा. ये 20% "सबसे गरीब" कौन हैं? रोहिंग्या, बांग्लादेशी, देशी ही न. यह अब इसी देश के नागरिक हैं और उनसे ज्यादा गरीब कोई नहीं. 

कांग्रेस के देशद्रोह के कानून को खत्म करने का मतलब निकाल कर बताया जा रहा है देश में कहीं भी तिरंगा जलाओ, देश विरोधी नारे लगाओ, सब छूट रहेगी.  

कांग्रेस के कश्मीर घाटी में सेना और CRPF की संख्या आधी करने का मतलब निकाल कर बताया जा रहा है, आतंकवादियों के लिए रास्ते खोल दिए जाएंगे. यहाँ यह नहीं बताया अजा रहा कि बार्डर पर सैन्य सुरक्षा बढ़ाई जायेगी.    

कांग्रेस के 370 को नहीं हटने देने का मतलब निकाल कर बताया जा रहा है, कांग्रेस ने जता दिया है कि वह अलगाववादियों को खुला समर्थन करती है. 

इधर दिल्ली से भले ही रोज केजरीवाल के कांग्रेस में शामिल होने के लिए कांग्रेस के दर पर भटकने की ख़बरें आ रही हों, लेकिन मध्यप्रदेश की बात कुछ अलग है. यहाँ से आप नेता अमित भटनागर ने कुछ अलग ही सन्देश दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कांग्रेस सत्ता में आई तो लालकिले से तिरंगा जलाया जायेगा, 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' गाया जायगा. 

कांग्रेस वादे-इरादों का अलग मतलब निकाल कर बताया जा रहा है हिन्दुओं और दूसरे धर्म के भी जितने लोग हैं, जिन्हें इस मिट्टी से प्यार है, सब कुछ भूल जाओ. जाति, धर्म, संप्रदाय, सबकुछ. ये तुम्हारे लिए चुनाव नहीं, अग्निपरीक्षा है. करो या मरो की स्थिति है, चूके तो आने वाली पीढ़ियों की हालत के जिम्मेदार तुम खुद होवोगे. कांग्रेस को खत्म करो, नहीं तो वो तुम्हें खत्म कर देगी. दुसरी ओर यूजर यह भी लिख रहे हैं 'ये कैसी अभिव्यक्ति की आजादी?'   

डिजिटल इंडिया 18 न्यूज़  डेस्क 

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