यदि उनका हुआ निरस्त तो इनकी चलेगी, आलोक संजर ने भी नामांकन पर्चा दाखिल किया


यदि उनका हुआ निरस्त तो इनकी चलेगी. आज भोपाल लोकसभा सीट से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने नामांकन पर्चा दाखिल किया. इसी के साथ बीजेपी ने वर्तमान सांसद आलोक संजर से भी नामांकन पर्चा दाखिल कराया है. माना जा रहा है यदि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का पर्चा निरस्त हुआ तो आलोक संजर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी होंगे.
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के बाद बीजेपी ने एहतियातन यह कदम उठाया है. 

डमी के रूप में वर्तमान सांसद आलोक संजर भी नामांकन पर्चा दाखिल किया 

क्या होते हैं डमी केंडीडेट किस काम आते हैं?

लगभग सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के कवरिंग कंडीडेट के साथ ही डमी कंडीडेट भी निर्दलीय के रूप में मैदान में होते हैं. कवरिंग केंडीडेट का नाम तो पार्टी कंडीडेट का नामांकन ओके होते ही निरस्त ही हो जाता है. वाय चांस किसी कारण से कवरिंग केंडीडेट का नामांकन निरस्त हो जाता है या कोई और बात हो जाती है, तो ऐसे में डमी केंडीडेट काम आते हैं. यह केंडीडेट चुनाव आयोग की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ पिछले दरवाजे से उठाने के लिए भी काम आते हैं. ये डमी कंडीडेट भले ही निर्दलीय होते हैं, लेकिन उन्हें भी प्रचार के लिए उतना खर्च करने का अधिकार है, जितना दलीय उम्मीदवार को.


सो, उनकी गाड़ियां बगैर झंडे और बैनर के प्रचार में दौड़ती हैं. कहने के लिए तो वे निर्दलीय उम्मीदवार का प्रचार कर रही होती हैं, लेकिन उनमें उस उम्मीदवार के कार्यकर्ता होते हैं, जिस पार्टी उम्मीदवार का वह डमी होता है. संपर्क के दौरान कार्यकर्ता पार्टी उम्मीदवार का ही प्रचार करते हैं. साथ ही डमी उम्मीदवार को चुनाव आयोग द्वारा मुहैया कराई जाने वाली वोटरलिस्ट, पोलिंग बूथ एजेंट और काउंटिंग एजेंट भी असली उम्मीदवार के लिए काम करते हैं.
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