तेज हवा में फैलती चली गई आग, 30 गांब आये चपेट में, देखते रह गए लोग, 2 की मौत 1 भोपाल रेफर, कई झुलसे




आग कैसे शुरू हुई, इसकी स्पष्ट तौर पर कोई वजह सामने नहीं आ पाई है, देर रात तक प्रशासन नुकसान का आकलन करता रहा   

''प्रशासन लाख मना करे, कि नरवाई न जलाएं, लेकिन यही काफी नहीं है, इसके लिए कोई विकल्प तलाशने होंगे. शासन प्रशासन नरवाई न जलायें के लिए न तो कोई ठोस विकल्प तलाश सका है और न ही किसानों को समझा पाया है कि यह गलत है. बस रोक लगा दी जाती है, जो कि कागजी साबित होती है. हर वर्ष रोक लगाई जाती है और हर वर्ष किसान खुले आम नरवाई जलाने का काम करते हैं. ''
- सुनील यादव / बलभद्र मिश्रा     

होशंगाबाद से सटे 30 गांवों के खेतों में बीती शाम शुक्रवार को आग लग गई. आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन माना जा रहा है कि आग नरवाई जलाने के कारण लगी. 



आग लगने के समय तेज हवाएं चल रही थीं सो आग देखते ही देखते फैलती चली गई. जिससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, वहीं बुझाने के प्रयास और बदहवास भाग-दौड़ में पांजराकलां निवासी दिलीप (28) और अमित (32) की जलने से मौत हो गई. 25 से कहीं अधिक लोग जख्मी हो गए हैं. एक व्यक्ति को गंभीर हालत में भोपाल रैफर किया गया. कई ग्रामीण लापता बताये जा रहे हैं.

जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले नरवाई गांव से शुरू हुई थी, जो तेज हवाओं से फैलती चली गई. आग कैसे शुरू हुई, इसकी स्पष्ट इसकी स्पष्ट तौर पर कोई वजह सामने नहीं आ पाई है. देर रात तक कुलामढ़ी, रसूलिया, निमसाड़िया समेत अन्य गांवों के घरों तक आग पहुंच गई थी. इस दौरान 10 से 15 फीट ऊंची लपटें देखी गईं.

इन गांवों में फसल जली    
कुलामड़ी, निमसाड़िया, गौरा, खोजनपुर, निटाया, फेफरताल, सिवनी मालवा, शिवपुर, पांजरा, पथौड़ी समेत 30 गांवों की फसलें जल कर राख हो गईं. देर रात तक प्रशासन नुकसान का आकलन करता रहा. 

आग से पांजरा, निमसाड़िया, बडोदिया कला, निटाया में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. इन गांवों के कई लोग लापता हैं. वहीं, रसूलिया गीता भवन के पीछे नरवाई की आग रहवासी क्षेत्र तक पहुंच गई. लोगों ने घर में रखे 2 गैस सिलेंडर बाहर निकाले.

13 फीडर से सप्लाई ठप, इलाके में ब्लैकआउट 
आंधी के कारण बिजली कंपनी के सभी 13 फीडर बंद हो गए. इससे होशंगाबाद शहर समेत गांवों में ब्लैकआउट रहा. इटारसी, सिवनीमालवा समेत ग्रामीण क्षेत्र में बारिश हुई. रात 2 बजे तक आग से झुलसे लोग अस्पताल पहुंचाए गए. प्रशासन ने जिला अस्पताल को अलर्ट पर रखा है.

एक ही परिवार के तीन लोग झुलसे 
इटारसी से सरगांव जा रहा चमन मालवीय का परिवार गेहूं की फसल में लगी आग की चपेट में आ गया. इससे पत्नी क्षमा मालवीय, बेटी और बेटा नितिन बुरी तरह जख्मी हो गए. 

माना जा रहा है किसी के द्वारा नरवाई जलाने का काम किया गया, उसी वक्त तेज हवाएं चलने लगीं और आग फैलती चली गई. प्रशासन लाख मना करे, कि नरवाई न जलाएं, लेकिन यही काफी नहीं है, इसके लिए कोई विकल्प तलाशने होंगे. शासन प्रशासन नरवाई न जलायें के लिए न तो कोई ठोस विकल्प तलाश सका है और न ही किसानों को समझा पाया है कि यह गलत है. बस रोक लगा दी जाती है, जो कि कागजी साबित होती है. हर वर्ष रोक लगाई जाती है और हर वर्ष किसान खुले आम नरवाई जलाने का काम करते हैं. 




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