नागरिकता बचानी हो तो ढाई महीने के लिए चैनल देखना बंद कर दीजिए-रवीश





 #कुरुक्षेत्र_का_आंखो_देखा_हाल😎

#धृतराष्ट्र :कितने मारे गये?

#संजय :500
#धृतराष्ट्र :ठीक से देखो?
#संजय :420
#धृतराष्ट्र :सही बताओ?
#संजय :300
#धृतराष्ट्र :फिर से देखो?
#संजय :महाराज बाबाजी का ठुल्लू भी नहीं मरा, मैं तो आपको खुश करने की कोशिश कर रहा था!😢


अगर आप अपनी नागरिकता को बचाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप लोकतंत्र में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में भूमिका निभाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप अपने बच्चों को सांप्रदायिकता से बचाना से बचाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप भारत में पत्रकारिता को बचाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। न्यूज़ चैनलों को देखना ख़ुद के पतन को देखना है। मैं आपसे अपील करता हूं कि आप कोई भी न्यूज़ चैनल न देखें। न टीवी सेट पर देखें और न ही मोबाइल पर। अपनी दिनचर्या से चैनलों को देखना हटा दीजिए। बेशक मुझे भी न देखें, लेकिन न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कीजिए। यह बात कर रहे हैं पत्रकार रवीश कुमार...



रवीश कुमार अपने चेनल पर कहते हैं मैं यह बात पहले से कहता रहा हूं। मैं जानता हूं कि आप इतनी आसानी से मूर्खता के इस नशे से बाहर नहीं आ सकते लेकिन एक बार फिर अपील करता हूं कि बस इन ढाई महीनों के न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दीजिए। जो आप इस वक्त चैनलों पर देख रहे हैं, वह सनक का संसार है। उन्माद का संसार है। इनकी यही फितरत हो गई है। पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है। जब पाकिस्तान से तनाव नहीं होता है तब ये चैनल मंदिर को लेकर तनाव पैदा करते हैं, जब मंदिर का तनाव नहीं होता है तो ये चैनल पद्मावति फिल्म को लेकर तनाव पैदा करते हैं जब फिल्म का तनाव नहीं होता है तो ये चैनल कैराना के झूठ को लेकर हिन्दू-मुसलमान में तनाव में पैदा करते हैं। जब कुछ नहीं होता है तो ये फर्ज़ी सर्वे पर घंटों कार्यक्रम करते हैं जिनका कोई मतलब नहीं होता है।

रवीश कुमार कहते हैं क्या आप समझ पाते हैं कि यह सब क्यों हो रहा है? क्या आप पब्लिक के तौर पर इन चैनलों में पब्लिक को देख पाते हैं? इन चैनलों ने आप पब्लिक को हटा दिया है। कुचल दिया है। पब्लिक के सवाल नहीं हैं। चैनलों के सवाल पब्लिक के सवाल बनाए जा रहे हैं। यह इतनी भी बारीक बात नहीं है कि आप समझ नहीं सकते। लोग परेशान हैं। वे चैनल-चैनल घूम कर लौट जाते हैं मगर उनकी जगह नहीं होती। नौजावनों के तमाम सवालों के लिए जगह नहीं होती मगर चैनल अपना सवाल पकड़ा कर उन्हें मूर्ख बना रहे हैं। चैनलों को ये सवाल कहां से आते हैं, आपको पता होना चाहिए। ये अब जब भी करते हैं, जो कुछ भी करते हैं, उसी तनाव के लिए करते हैं जो एक नेता के लिए रास्ता बनाता है। जिनका नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है।

रवीश कुमार के अनुसार न्यूज़ चैनलों, सरकार, बीजेपी और मोदी इन सबका विलय हो चुका है। यह विलय इतना बेहतरीन है कि आप फर्क नहीं कर पाएंगे कि पत्रकारिता है या प्रोपेगैंडा है। आप एक नेता को पसंद करते हैं। यह स्वाभाविक है और बहुत हद तक ज़रूरी भी। लेकिन उस पसंद का लाभ उठाकर इन चैनलों के द्वारा जो किया जा रहा है, वो ख़तरनाक है। बीजेपी के भी ज़िम्मेदार समर्थकों को सही सूचना की ज़रूरत होती है। सरकार और मोदी की भक्ति में प्रोपेगैंडा को परोसना उस समर्थक का भी अपमान है। उसे मूर्ख समझना है जबकि वह अपने सामने के विकल्पों की सूचनाओं के आधार पर किसी का समर्थन करता है। आज के न्यूज़ चैनल न सिर्फ सामान्य नागरिक का अपमान करते हैं बल्कि उसके साथ भाजपा के समर्थकों का भी अपमान कर रहे हैं।



रवीश कुमार कहते हैं मैं भाजपा समर्थकों से भी अपील करता हूं कि आप इन चैनलों को न देखें। आप भारत के लोकतंत्र की बर्बादी में शामिल न हों। क्या आप इन बेहूदा चैनलों के बग़ैर नरेंद्र मोदी का समर्थन नहीं कर सकते? क्या यह ज़रूरी है कि नरेंद्र मोदी का समर्थन करने के लिए पत्रकारिता के पतन का भी समर्थन किया जाए? फिर आप एक ईमानदार राजनीतिक समर्थक नहीं हैं। क्या श्रेष्ठ पत्रकारिता के मानकों के साथ नरेंद्र मोदी का समर्थन करना असंभव हो चुका है? भाजपा समर्थकों, आपने भाजपा को चुना था, इन चैनलों को नहीं। मीडिया का पतन राजनीति का भी पतन है। एक अच्छे समर्थक का भी पतन है।

रवीश कुमार कहते हैं चैनल आपकी नागरिकता पर हमला कर रहे हैं। लोकतंत्र में नागरिक हवा में नहीं बनता है। सिर्फ किसी भौगोलिक प्रदेश में पैदा हो जाने से आप नागरिक नहीं होते। सही सूचना और सही सवाल आपकी नागरिकता के लिए ज़रूरी है। इन न्यूज़ चैनलों के पास दोनों नहीं हैं। प्रधानमंत्री मोदी पत्रकारिता के इस पतन के अभिभावक हैं। संरक्षक हैं। उनकी भक्ति में चैनलों ने ख़ुद को भांड बना दिया है। वे पहले भी भांड थे मगर अब वे आपको भांड बना रहे हैं। आपका भांड बन जाना लोकतंत्र का मिट जाना होगा।

भारत पाकिस्तान तनाव के बहाने इन्हें राष्ट्रभक्त होने का मौका मिल गया है। इनके पास राष्ट्र को लेकर कोई भक्ति नहीं है। भक्ति होती तो लोकतंत्र के ज़रूरी स्तंभ पत्रकारिता के उच्च मानकों को गढ़ते। चैनलों पर जिस तरह का हिन्दुस्तान गढ़ा जा चुका है, उनके ज़रिए आपके भीतर जिस तरह का हिन्दुस्तान गढ़ा गया है वो हमारा हिन्दुस्तान नहीं है। वो एक नकली हिन्दुस्तान है। देश से प्रेम का मतलब होता है कि हम सब अपना अपना काम उच्च आदर्शों और मानकों के हिसाब से करें। हिम्मत देखिए कि झूठी सूचनाओं और अनाप-शनाप नारों और विश्लेषणों से आपकी देशभक्ति गढ़ी जा रही है। आपके भीतर देशभक्ति के प्राकृतिक चैनल को ख़त्म कर ये न्यूज़ चैनल कृत्रिम चैनल बनाना चाहते हैं। ताकि आप एक मुर्दा रोबोट बन कर रह जाएं।



इस वक्त के अख़बार और चैनल आपकी नागरिकता और नागरिक अधिकारों के ख़ात्मे का एलान कर रहे हैं। आपको सामने से दिख जाना चाहिए कि ये होने वाला नहीं बल्कि हो चुका है। अख़बारों के हाल भी वहीं हैं। हिन्दी के अख़बारों ने तो पाठकों की हत्या की सुपारी ले ली है। ग़लत और कमज़ोर सूचनाओं के आधार पर पाठकों की हत्या ही हो रही है। अखबारों के पन्ने भी ध्यान से देखें। हिन्दी अख़बारों को उठा कर घर से फेंक दें। एक दिन अलार्म लगाकर सो जाइये। उठकर हॉकर से कह दीजिए कि भइया चुनाव बाद अख़बार दे जाना।

रवीश कुमार कहते हैं यह सरकार नहीं चाहती है कि आप सही सूचनाओं से लैस सक्षम नागरिक बनें। चैनलों ने विपक्ष बनने की हर संभावना को ख़त्म किया है। आपके भीतर अगर सरकार का विपक्ष न बने तो आप सरकार का समर्थक भी नहीं बन सकते। होश में सपोर्ट करना और नशे का इंजेक्शन देकर सपोर्ट करवाना दोनों अलग बातें हैं। पहले में आपका स्वाभिमान झलकता है। दूसरे में आपका अपमान। क्या आप अपमानित होकर इन न्यूज़ चैनलों को देखना चाहते हैं, इनके ज़रिए सरकार को समर्थन करना चाहते हैं?

मैं जानता हूं कि मेरी यह बात न करोड़ों लोगों तक पहुंचेगी और न करोड़ों लोग न्यूज़ चैनल देखना छोड़ेंगे। मगर मैं आपको आगाह करता हूं कि अगर यही चैनलों की पत्रकारिता है तो भारत में लोकतंत्र का भविष्य सुंदर नहीं है। न्यूज़ चैनलों ने एक ऐसी पब्लिक गढ़ रही है जो गलत सूचनाओं और सीमित सूचनाओं पर आधारित होगी। चैनल अपनी बनाई हुई इस पब्लिक से उस पब्लिक को हरा देंगे जिसे सूचनाओं की ज़रूरत होती है, जिसके पास सवाल होते हैं। सवाल और सूचना के बग़ैर लोकतंत्र नहीं होता। लोकतंत्र में नागिरक नहीं होता।



सत्य और तथ्य की हर संभावना समाप्त कर दी गई है। मैं हर रोज़ पब्लिक को धेकेले जाते देखता हूं। चैनल पब्लिक को मंझधार में धकेल कर रखना चाहते हैं। जहां राजनीति अपना बंवडर रच रही है। राजनीतिक दलों से बाहर के मसलों की जगह नहीं बची है। न जाने कितने मसले इंतज़ार कर रहे हैं। चैनलों ने अपने संपर्क में आए लोगों को लोगों के खिलाफ तैयार किया है। आपकी हार का एलान है इन चैनलों की बादशाहत। आपकी ग़ुलामी है इनकी जीत। इनके असर से कोई इतनी आसानी से नहीं निकल सकता है। आप एक दर्शक हैं। आप एक नेता का समर्थन करने के लिए पत्रकारिता के पतन का समर्थन मत कीजिए। सिर्फ ढाई महीने की बात है। चैनलों को देखना बंद कर दीजिए।



और सोशल मीडिया पर चल रहा है यह फोग 

अगर बूथ की बजाय 
"सीमा" मजबूत करने पर ध्यान देते तो ...

300 किलो RDX अंदर नही आता ....?
 नागरिकता बचानी हो तो ढाई महीने के लिए चैनल देखना बंद कर दीजिए - रवीश!!~ ज्यादातर अखबार पढ़ना भी बंद करें!! 

 पाकिस्तान:- आपका घर किधर है
विंग कमांडर #अभिनंदन:- मैं आपको नही बता सकता
बिकाऊ मीडिया:- इस वक्त हम चेन्नई, में विंग कमांडर अभिनंदन जी के घर के बाहर है घर में इनके माता,पिता,बीवी रहते हैं और इनके पिता retd एयर मार्शल हैं

पाकिस्तान:- धन्यवाद भारतीय मीडिया
#ShutDownDalalMedia🙏
 #ShutDownDalalMedia pls boycott channels of godi media for the sake of India
 सड़कों पर जुलूस निकाल कर "पाकिस्तान मुर्दाबाद" करने से ज्यादा जरूरी हो गया है कि उन टीवी चैनलों की शवयात्रा निकाली जाये जो लोकतंत्र और शांति के लिये खतरा बन गए है!
#ShutDownDalalMedia
 पाकिस्तान अभी तक खौफ में है की इतना खतरनाक हथियार कौन सा था जिससे 300 में से एक भी लाश नहीं मिली 🤔
#ShutDownDalalMedia

अगर आप अपने बच्चों गाली सिखाना चाहते है तो न्यूज चैनल खोलो और टीवी के सामने बैठा दो, अगले दिन आप खुद समझ जाओगे. 
#ShutDownDalalMedia

 देशद्रोहियों सुन लो 300-400 मारे गए टेररिस्ट की फोटो और वीडियो दलाल मीडिया जी न्यूज और आज तक के पास है, चुनाव खत्म हो जाने पर उसको पब्लिक कर दिया जाएगा। तब आप उसमे एडीटिंग और फोटोशॉप ढूंढना।
2000 रूपए वाली नोट में चिप की तरह
#ShutDownDalalMedia

 रवीश जी की जुबानी: "ढाई महीने तक TV चैनल मत देखो इन्होंने तुम्हारी बर्बादी का ठेका लिया हुआ है" सुनिये एक भारतीय ईमानदार पत्रकार रवीश कुमार।।
आप लोग रवीश कुमार जी के बारे में दो शब्द जरुर लिखें।।
सलाम रवीश जी को 🙏
#ShutDownDalalMedia https://t.co/kxQcd5Hevg

 #Abhinandan भारत लौटते ही गोदी मीडिया पर बरसे, उन्होने कहा मीडिया आग लगाने का काम करती है, किसी भी घटना को बढ़ा चढ़ा कर दिखाते हैं,
मै तो कहता हूँ पत्रकारिता के नाम पर गोदी मीडिया कलंक है, इनका बस चले तो भारत पाकिस्तान के साथ साथ अपने देश में भी युद्ध करा दे. #ShutDownDalalMedia

सुना है प्रचार-प्रसार मंत्री सब सारे काम छोड़ कर Wng. Cdr. #Abhinandan के साथ सेल्फी लेंगे! 
और नौटंकी शुरू होगी ‌भाजपा की!
चौकीदार ने ट्वीट किया, या शूटिंग कर रहा है, या रैली कर के थक के सो गया।
#ShutDownDalalMedia https://t.co/n7YAvkpdrr

लाशों के ढेर पर चढ़कर सत्ता की कुर्सी तक कैसे पहुंचा जाता है ये कला मोदी जी अच्छी तरह जानते है।
मोदी झूठ सबसे मजबूत😡😡😡

#ShutDownDalalMedia 

हिन्दू
मुस्लिम
मन्दिर 
मस्जिद और
पाकिस्तान
अगर ये शब्द बैन कर दिए जाएं तो BJP के पास कुछ नही बचेगा।
ना कुछ बोलने को और ना कुछ करने को।
#ShutDownDalalMedia

 अंधभक्तों ज़रा दिमाग की बत्ती जलाओ
सोचो अगर पाकिस्तान में 300 लोग मरे होते तो क्या वो हमारे पायलट को इतनी आसानी से वापस कर देते ।
बीजेपी और गोदी मीडिया की नस नस में खून की जगह झूट भरा है।

#ShutDownDalalMedia 
#SayNoToWar

इतिहास में लिखा जायेगा की मोदी शासन मे मीडिया का स्थर इतना गिर गया था, कि इतिहास कभी दोहराना नहीं चाहेगा, 
#ShutDownDalalMedia 
@SanjayAzadSln 
@AcharyaPramodk
@kanhaiyakumar https://t.co/pOsKVCCSJG

आनंद महिंद्रा ने गैर जिम्मेदार न्यूज चैनलों से कहा- शर्म करो!!~ दलालों को शर्म नहीं आती!!
#ShutDownDalalMedia 
#MeraJawanSabseMajboot
#SayNoToWar
#BanEVM

तापसी पन्नू को मीडिया पर आया गुस्सा, पूछा- ये कैसी रिपोर्टिंग है?~ यह रिपोर्टिंग नहीं दलाली है!! देशभक्ति की आड़ में बिकाऊ मीडिया दलाली चला रही!! 
#ShutDownDalalMedia 
#MeraJawanSabseMajboot
#BanEvm
@taapsee
@anandmahindra

 मोदी से डर कर पाक ने अभिनंदन को सौंप दिया : भक्त।
अबे फिर दाऊद, मसूद को भी मंगा ले.
ये जो लंगूर-भक्त कल से कर रहे हैं. इसे ही शास्त्रों में छिछोरापन कहा गया है
By the way युद्ध टल गया,
अब तो राफेल कि सही कीमत बता दो गोभी जी।
#MeraJawanSabseMajboot
#ShutDownDalalMedia

 #ShutDownDalalMedia इनकी कहानी @ravishndtv की ज़ुबानी
क्योंकि #MediaHaiToModiHai 
ये दलाल चैनल जो अमृतसर रेल हादसे के मृतकों की गिनती सुबह तक नहीं कर पाए वो मुहंअंधेरे पाकिस्तान जाके
300से ज्यादा आंतकवादियों की लाशें गिन आए अरे 2,3 के ही चेहरे दिखा दो😠😡 

Most News channels are from Reliance.they bought Network 18 & CNBC in https://t.co/eKlJ0SZ5KM most headlines r given by BJP HQ.. To spread fake propaganda.
B calm, watchful & save Democracy 
#ShutDownDalalMedia

 इतिहास में ये भी लिखा जाएगा की जब जाँबाज़ सिपाही के लिए पूरा देश दुआ कर रहा था तब
देश में BJP के नेता अपना बूथ मज़बूत कर रहे थे
#NeechNiklaModi #NeechDalalMedia #BJPseGumrahMatHona #ShutDownDalalMedia https://t.co/i0GIe1IlhG

 आतंकवादियों से निबटने के लिये देश में सक्षम तंत्र है और वे उनसे निबट भी रहे हैं
लेकिन...इन चैनलों से, इनके दलाल एंकरों से, जिन्होंने आम जन के जरूरी मुद्दों को पत्रकारिता के दायरे से पूरी तरह बाहर कर दिया है, निबटने के लिये रास्तों की तलाश करनी होगी!
#ShutDownDalalMedia
आज का इलेक्ट्रॉनिक मीडिया इतना जनविरोधी बन चुका है कि उन्हें देखना, उनके साथ थोड़ा भी वक्त बिताना अपना दिमाग प्रदूषित करना है
वे प्रदूषण फैलाने के सिवाय और कुछ नहीं कर रहे
वे कुछ और कर भी नहीं सकते, क्योंकि उनकी नियुक्ति ही इसीलिये की गई है!
#ShutDownDalalMedia
और तब...खबरों की जगह दलाली और प्रस्तोताओं की जगह दलालों ने लेनी शुरू की
नए-नए मीडिया घराने अस्तित्व में आए जिन्हें पत्रकारिता से कोई लेना-देना नही था
जाहिर है
उन्होंने ऐसे लोगों की भर्त्ती की जो उनके राजनीतिक, प्रकारान्तर से व्यावसायिक उद्देश्यों के वाहक बने!
#ShutDownDalalMedia

अगर पाकिस्तान हमारे जांबाज़ पायलट "अभिनंदन" के पाक में होने की खबर न बताता तो हमारी गोदी मीडिया TRP और मालिक की गुलामी के चक्कर में पाकिस्तान में कब्जा करते हुए अफगानिस्तान और चीन तक पहुँच जाती।
#BringBackAbhinandan
#ShutDownDalalMedi

और अंत में    

 #कुरुक्षेत्र_का_आंखो_देखा_हाल😎

#धृतराष्ट्र :कितने मारे गये?
#संजय :500
#धृतराष्ट्र :ठीक से देखो?
#संजय :420
#धृतराष्ट्र :सही बताओ?
#संजय :300
#धृतराष्ट्र :फिर से देखो?
#संजय :महाराज बाबाजीकाटुल्लू भी नहीं मरा मै तो आपको खुश करने की कोशश कर रहा था!😢




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