बीजेपी ने आचार संहिता का 'अचार' बना डाला, नेता नहीं छोड़ पा रहे बैनर-पोस्टर में सेना की तस्वीर का मोह




''विदेश मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुषमा स्वराज एयर स्ट्राइक को बीजेपी का चुनावी मुद्दा होगा, बताने में नहीं चुकीं तो आचार संहिता का 'अचार' बना डाला बीजेपी सांसद ने, अब करिए क्या कार्यवाही कर सकते हैं? जी हाँ, निर्वाचन आयोग की मनाही के बावजूद बीजेपी नेता बैनर-पोस्टर में सेना की तस्वीर का उपयोग करने का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं. जयपुर के बीजेपी सांसद  रामचरण बोहरा ने तो शहर के हर गली नुक्कड़ पर सेना और लड़ाकू जहाजों के साथ खुद की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगा रखी है. जयपुर में इस तरह के बैनर पोस्टर हर जगह दिख जाएंगे. पोस्टर पर लिखा है कि आतंकियों को पाकिस्तान में घुसकर मारा.''
शरत कुमार Edited by: संजय चित्रांश     



लोकसभा चुनावों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने चुनावी पोस्टरों में सेना के सियासी इस्तेमाल पर पाबंदी लगा रखी है, लेकिन लगता है कि सांसद जी को अपना काम गिनाने को कुछ मिल नहीं रहा है तो सेना के शौर्य को ही भुनाने में जुट गए हैं, हालांकि सवाल किए जाने पर सांसद सफाई देते रहे. रामचरण बोहरा ने कहा कि ये पोस्टर उन्होंने चुनाव के लिए नहीं लगाया है. चुनाव आयोग का निर्देश है तो हटा लेंगे.

वहीं बीजेपी सांसद के सेना के सियासी इस्तेमाल पर राजस्थान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि बीजेपी के लिए चुनाव आयोग के निर्देश कुछ मायने नहीं रखते हैं. ये लोग पांच साल में कुछ नहीं कर पाए और अब चुनाव जीतने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान में विधानसभा में हार के बाद निराश भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के लिए बीजेपी को एयर स्ट्राइक का सहारा लेना पड़ रहा है.

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने एडवाइजरी जारी कर राजनीतिक दलों को सतर्क रहने की हिदायत दी है. इसमें कहा गया है कि सुरक्षाबल देश की सीमाओं, क्षेत्र और पूरे राजनीतिक तंत्र के प्रहरी हैं. लोकतंत्र में उनकी भूमिका निष्पक्ष और गैर राजनीतिक है. इसी वजह से जरूरी है कि चुनाव प्रचार में सुरक्षाबलों का जिक्र करते हुए राजनीतिक दल और राजनेता सावधानी बरतें.



रक्षा मंत्रालय जता चुका है आपत्ति    
पुलवामा आतंकी हमले के बाद से कई राजनीतिक दलों के मंच पर शहीद जवानों के फोटो लगाए गए थे. इसके बाद वायु सेना के पायलट अभिनंदन की फोटो का इस्तेमाल भी चुनावी पोस्टरों और सोशल मीडिया कैंपेन में हो रहा है. ऐसे प्रचार पर कुछ दलों ने आपत्ति भी जताई थी और आयोग से इसकी शिकायत करने की बात भी कही थी. इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने चुनाव आयोग को 2013 में एक पत्र लिखा था जिसमें कहा गया है कि राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से सेना के जवानों की फोटो का इस्तेमाल किया जा रहा है और इस पर आयोग दलों को दिशा-निर्देश दे. 

हाल में 10 मार्च रविवार को मुंबई में बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं की एक सभा में वरिष्ठ नेता और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने साफ़ कर दिया था कि 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ सेना की कार्रवाई सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक चुनावी मुद्दा होगा. स्वराज ने कहा था 'हमें सवाल पूछने चाहिए.' 



मतलब साफ़ है कि बीजेपी को चुनाव आयोग का डर नहीं है, जैसा कि कांग्रेस आरोप लगा रही है. वह आचार संहिता का अचार बनाने में लग गई है. बीजेपी पर्चों का इस्तेमाल कर लोगों से यह पूछेगी कि क्या वे उन पार्टियों को वोट देंगे, जिन्होंने 26 फरवरी के हवाई हमले और अगले दिन पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के साथ हवाई जंग के संबंध में देश की सशस्त्र सेनाओं की वीरता पर सवाल उठाए. 

सभा में स्वराज ने बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए से कहा था 'हमें सवाल पूछने चाहिए कि क्या हमारे जवानों को आतंकी ठिकानों पर बम गिराने के बाद शव गिनने चाहिए या हवाई हमला करने के बाद सुरक्षित लौटना चाहिए. बीजेपी कार्यकर्ताओं को उन लोगों से सवाल पूछने चाहिए, जिन्होंने हमारे हवाई हमले के असर को लेकर संदेह जताए.'




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