सर वापिस बैतूल लाने कितना भी पैसा लगे, 58 लाख का चन्दा हो गया है



''शिकायतों के आधार पर हटाये जिला शिक्षा केन्द्र बैतूल के परियोजना समन्वयक अशोक पराड़कर को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद दी गई पार्टी विवादों के घेरे में आ गई है। ''
बैतूल से रामकिशोर पंवार        

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश शासन को भेजी एक शिकायत के अनुसार जिले भर के राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल से सबंद्ध कस्तुरबा गांधी बालिका एवं बालक / बालिका छात्रावासों के वार्डनों एवं सहायक वार्डन से की गई चंदा वसूली के बाद दी गई भव्य बिदाई पार्टी में अशोक पराड़कर को दिलीप खाण्डवे, श्रीमति रेखा कापसे, श्री भोपले सहित दो दर्जन से अधिक लोगों ने मंहगे-मंहगे स्मृति उपहार भेंट किए, जिसमें सोना- चांदी एवं अन्य भी शामिल है। 



बालिका छात्रावास वार्डन के पति द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को गई शिकायत में बिदाई पार्टी के फोटो ग्राफस के साथ वीडियो चलचित्र तथा वीडियो क्लीपिंग भी है, जिसमें श्री पराड़कर को दीलिप खाण्डवे यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि 'सर पैसा जितना चाहें, अधिकारी हो या मंत्री आपको बैतूल फिर से लाने के लिए मुँह मांगी रकम दी जाएगी। वर्तमान में जिले के दस बीआरसी, चार बालिका छात्रावास, दस दस अन्य छात्रावासों से 58 लाख रूपये जमा करवा लिया गया है।' मजेदार बात तो यह है कि वार्ता के दौरान एक दुसरे में कानों में की गई कानाफूंसी को वहां पर मौजूद व्यक्ति द्वारा खुबसूरती से रिकार्ड किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संविलियन हुए अशोक पराड़कर के छिन्दवाड़ा जिले से हुए संविलियन को पूर्व कलेक्टर श्री जैन ने निरस्त करने के लिए प्रमुख सचिच स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखा था। वर्तमान समय में पूरे मामले की जांच होने के बाद श्री पराड़कर बैतूल से हटाकर सहायक संचालक लोक शिक्षण विभाग नर्मदापूरम संभाग कार्यालय में पदस्थ किया गया है। अशोक पराड़कर को दी गई बिदाई पार्टी उस समय दी गई, जब पूरे देश में आदर्श आचार संहिता लागू की जा चुकी है। 



मुख्यालय पर नहीं रहते हैं पराड़कर    
शिकायतकर्ता ने राज्य निर्वाचन आयोग एवं प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को लिखा है कि बैतूल से प्रतिदिन आना - जाना करने वाले अशोक पराड़कर मौजूदा समय भी अपने चहेते स्टाफ से डीपीसी कार्यालय बैतूल का संचालन कर रहे हैं, जबकि उनका तबादला बैतूल से सौ किमी दूर होशंगाबाद जिले में स्थित नर्मदा पुरम संभाग हो चुका है। बैतूल-हरदा जिले के परीक्षा पर्यवेक्षक बन कर बैतूल में बीते एक सप्ताह से डेरा डाले अशोक पराड़कर के आगे-पीछे उनका पूर्व का मन पसंद स्टाफ सेवा - चाकरी में लगा हुआ है। अब देखना है बैतूल जिले में वार्डनों के द्वारा दी गई पार्टी एवं जिले के स्टाफ से की गई बैतूल पुन: पदस्थापना के लिए की गई अवैध चंदा वसूली की शिकायत क्या रंग लाती है।




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