मानवता कोई चीज नहीं होती क्या? 4 घंटे पड़ी रही महिला की लाश, सीमा विवाद में लड़ती रही पुलिस, पटवारी ने सुलझाया मामला


''अक्सर इस तरह की ख़बरें आती हैं, जो हमें शर्मशार करती हैं, लेकिन हम हैं कि थोड़ा शोरगुल कर वापिस दुसरी घटना का इन्तजार करने लगते हैं. समस्या का स्थाई निराकरण नहीं करते.'' 

बड़ी से बड़ी वारदात में फरियादी को इस थाने से उस थाने भटकाने की कई घटनाओं के बाबजूद हम हमारा शासन प्रशासन इस समस्या का स्थाई निराकरण नहीं कर सका. निश्चित रूप से यह हमारे लिए शर्म की बात है. मानवता नाम की कोई चीज तो होती ही नहीं अब. 

हाल में मामला शहडोल, अनूपपुर से सामने आया है. यहाँ एक महिला की लाश मिली 4 घंटे पड़ी रही. 2 जिलों की पुलिस इस बात के लिए लड़ती रही कि मामला उनके क्षेत्र का नहीं है. महिला की चाकू से गोद कर ह्त्या कर दी गई है. क्षत-विक्षत शव ग्राम पंचायत डोंगराटोला के पटनाकला और बम्होरी के बीच पड़ा रहा. आखिरकार राजस्व विभाग को बुलाया गया. पटवारी ने बताया कि घटना स्थल अनूपपुर जिले का है, तब जाकर आगे की कार्यवाही हो सकी. 

एसपी सिंह आईजी शहडोल मानते हैं कि घटना स्थल किसी भी थाना या जिले का हो, यह बात कोई मायने नहीं रखती. जहाँ की भी पुलिस पहले पहुँचती है, उसे जीरो पर मुकदमा दर्ज कर लेना चाहिए. उन्होंने दोषी पुलिस के खिलाफ कार्यवाही की बात भी कही है. 

लेकिन धनपुरी टीआई, शहडोल सुदीप सोनी का कहना है कि सीमा को लेकर असमंजस था. वहीं टीआई चचाई, अनूपपुर अरविन्द साहू भी स्वीकारते हैं कि सीमा को लेकर असमंजस था, जिसे राजस्व विभाग की सहायता से सुलझा लिया गया है. दोनों ही टीआई में से कोई एक भी यह नहीं स्वीकार सका कि उससे गलती हुई. 

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