शाह और मोदी सुप्रीम कोर्ट के जजों को भी मैनेज कर सकते हैं, कहने वाले येदियुरप्पा ने स्वीकारी विधायकपुत्र शारंगगौड़ा से मुलाकात


''येदियुरप्पा ने जेडीएस विधायक के बेटे शारंगगौड़ा से मुलाकात को स्वीकार लिया है, जिसके बारे में कर्नाटक के मुख्यमंत्री का कहना है कि येदियुरप्पा ने जेडीएस विधायक नगनगौड़ा के बेटे शारंग गौड़ा को अपने पिता को राजी करने के मकसद से बुलाया.''

कर्नाटक की जेडीएस और कांग्रेस सरकार को बीजेपी लगातार अपदस्थ करने की कोशिश कर रही है. हाल में कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने एक टेप जारी किया है, जिसमें बीजेपी नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को विधायकों के साथ बातचीत में कथित तौर पर ये बोलते हुए सुना गया है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी सुप्रीम कोर्ट के जजों को भी मैनेज कर सकते हैं. यहां तक कि यदुरप्पा ने सूबे की जेडी-एस और कांग्रेस गठजोड़ वाली सरकार को गिराने के लिए उन्हें पैसे देने का प्रस्ताव भी दिया. इसके बाद राज्य में राजनीति तेज हो गई है. 

उस दौरान दो निर्दलीय विधायकों से बीजेपी इस्तीफा दिलाने में भी सफल हो गयी थी जो सरकार के भीतर मंत्री थे. लेकिन बाकी विधायक मैनेज नहीं हो सके. जिसके चलते पूरी योजना खटाई में पड़ गयी. एक बार फिर अभी तीन दिनों पहले इसी तरह की कोशिश शुरू हुई थी. तभी सीएम कुमारस्वामी ने ये टेप जारी कर दिया.हुबली एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि "कुमारस्वामी तीसरे दर्जे की राजनीति में शामिल हो गए हैं. कुमारस्वामी ने विधायक के बेटे को मेरे पास अपनी जरूरतों के मुताबिक बुलवाने के लिए भेजा था. उसके बाद उन्होंने जो भी उनके लिए जरूरी था उसका इस्तेमाल कर लिया. लेकिन उन लोगों ने कुछ सचाइयों को ढंक दिया."  

कुमारस्वामी ने शुक्रवार को ये टेप बजट पेश करने से ठीक पहले प्रेस कांफ्रेंस में जारी किया. एक दूसरी क्लिप में येदियुरप्पा को ये कहते हुए सुना जा सकता है कि “सभी 12 में से हर विधायक को हम 10 करोड़ रुपये देने जा रहे हैं और वो सभी मंत्री बनाए जाएंगे. मेरा बेटा उन्हें पैसे देगा.” येदियुरप्पा कथित तौर पर ये भी कहते हैं कि “हम स्पीकर को भी 50 करोड़ रुपये में खरीद लेंगे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडनवीस शामिल हैं.”

कर्नाटक के मुख्यमंत्री का कहना था कि येदियुरप्पा ने जेडीएस विधायक नगनगौड़ा के बेटे शारंग गौड़ा को शुक्रवार की बिल्कुल सुबह अपने पिता को राजी करने के मकसद से बुलाया. कुमारस्वामी ने सवालिया अंदाज में पूछा कि “क्या बगैर पीएम की जानकारी के ये सब कुछ संभव है.” इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी से इस मुद्दे पर अपने स्तर पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा.

उन्होंने आगे कहा कि “वो (पीएम मोदी) व्यवस्थित रूप से देश के लोकतंत्र को ध्वस्त कर रहे हैं. लोगों को गुमराह कर रहे हैं. मैं सभी विपक्षी दलों से उठ खड़े होने का निवेदन करता हूं. उन्हें पीएम की सचाई का संसद के भीतर पर्दाफाश करना चाहिए.”

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का कहना था कि टेप ने बीजेपी की असलियत को उजागर कर दिया है. गौरतलब है कि जेडीएस और कांग्रेस के पिछले साल मई में सरकार बना लेने के बाद बीजेपी ने कई बार उसे अपदस्थ करने की कोशिश की. लेकिन वो हमेशा नाकाम रही. अभी हाल में बीजेपी के सारे विधायक गुड़गाव में एक रेसार्ट में रखे गए थे. और बीजेपी को कोशिश थी कि सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ विधायकों से इस्तीफा दिलाकर सूबे में अपनी सरकार बना ली जाए. लेकिन उसके मंसूबों पर पानी फिर गया.

उस दौरान दो निर्दलीय विधायकों से बीजेपी इस्तीफा दिलाने में भी सफल हो गयी थी जो सरकार के भीतर मंत्री थे. लेकिन बाकी विधायक मैनेज नहीं हो सके. जिसके चलते पूरी योजना खटाई में पड़ गयी. एक बार फिर अभी तीन दिनों पहले इसी तरह की कोशिश शुरू हुई थी. तभी सीएम कुमारस्वामी ने ये टेप जारी कर दिया.

इस बीच, येदियुरप्पा ने आज इस बात को स्वीकार कर लिया कि उनकी जेडीएस विधायक के बेटे शारंगगौड़ा से मुलाकात हुई थी. हुबली एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि "कुमारस्वामी तीसरे दर्जे की राजनीति में शामिल हो गए हैं. कुमारस्वामी ने विधायक के बेटे को मेरे पास अपनी जरूरतों के मुताबिक बुलवाने के लिए भेजा था. उसके बाद उन्होंने जो भी उनके लिए जरूरी था उसका इस्तेमाल कर लिया. लेकिन उन लोगों ने कुछ सचाइयों को ढंक दिया."  
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