सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन कर बीमा कंपनियां लगा रहीं वाहन स्वामियों को चूना


''सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देश अनुसार बीमा कंपनियां किसी भी वाहन का प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र के बिना बीमा नहीं कर सकतीं, परंतु बीमा कंपनियां वाहन स्वामियों को इस तरह का संज्ञान दिए बिना अधूरी बीमा पॉलिसी देकर वाहन स्वामियों को ठग रही हैं. ''
भोपाल से राकेश चतुर्वेदी की रिपोर्ट 

एजेंट अंडर टेकन शपथ देकर बीमा करबा देता है, जिससे अगर किसी वाहन की दुर्घटना होती है और वाहन स्वामी बीमा पर क्लेम करता है तो सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण उसका क्लेम अमान्य कर दिया जाएगा. यदि इस तरह के निर्देश हैं तो पीयूसी सर्टिफिकेट के बिना बीमा कंपनियों को बीमा नहीं करना चाहिए. वाहन स्वामी को यह जानकारी दी जानी चाहिए. ऐसा न होने से वाहन स्वामी प्रीमयम राशि तो पूरी पूरी दे रहे हैं, लेकिन क्लेम के समय हानि उठाने मजबूर हैं. ऐसे में यह पूरी राशि बीमा कंपनी की जेब में जा रही है. क्योंकि जब वाहन की पीयूसी नहीं है तो क्लेम. भी नहीं होगा तो उसका दुर्घटना क्लेम नहीं मिलेगा. तब वाहन स्वामी को ही उसका क्लेम देना होगा. यह निर्देश सर्वोच्च न्यायालय के हैं. 

एक जानकारी के अनुसार भोपाल में प्रतिदिन लगभग दो हजार से ऊपर वाहनों का बीमा होता है परंतु पीयूसी सैकड़ों की भी जमा नहीं हो रही है. 


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