सरकार आरबीआई विवाद के बीच गवर्नर उर्जित पटेल ने दिया इस्तीफा




''आज भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर पद से उर्जित पटेल ने अपना इस्तीफा दे दिया है. आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के इस अप्रत्याशित कदम की वजह के पीछे पटेल ने निजी कारण बताये हैं. उन्होंने कहा है कि आरबीआई में अपनी सेवाएं देकर मैं खुद को सम्मानित महसूस करता हूं, लेकिन पिछले दिनों से सरकार और आरबीआई के बीच जो चल रहा था, उसे लेकर सरकार पर विपरीत असर पड़ना तय है. RBI गवर्नर का इस्तीफा वित्त मंत्री अरुण जेटली की अदूरदर्शिता का परिणाम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के भी मामले पर कुछ नहीं बोलने से देश में अच्छा मैसेज नहीं गया है. '' 



पटेल के इस कदम से आरबीआई की स्वायत्ता पर असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि सरकार के पास एक तरह से केंद्रीय बैंक का पूरा नियंत्रण चला जाएगा. जिन कारणों से उर्जित पटेल को गवर्नर पद से इस्तीफा देना पड़ा उनमें सरकार द्वारा सेक्शन 7 का इस्तेमाल करने की बात कहना और छोटे उद्योगों के लिए लोन आसान बनाना, कर्ज और फंड की समस्या से जूझ रहे 11 सरकारी बैंकों को कर्ज देने से रोकने पर राहत और शैडो लेंडर्स को ज्यादा लिक्विडिटी देना शामिल है.

आरबीआई भी सरकार के रवैये को लेकर आक्रामक रहा है. उसका कहना है कि क्या सरकार बैंक कि स्वायत्तता को खत्म करना चाहती है. इसके लिए उसने 2010 के अर्जेंटीना के वित्तीय बाजार का भी उदाहरण दिया है. अब भले ही किसी दबाबवश वह निजी कारण बताएं, लेकिन यही बे सब कारण हैं कि आज आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को इस्तीफा देना पड़ा है. 

उर्जित पटेल चार सितंबर 2016 को रघुराम राजन की जगह आरबीआई गवर्नर बने थे. उसके बाद से ही नोटबंदी और अन्य मसलों को लेकर उनकी आलोचना होती रही है.

पिछले कुछ दिनों से आरबीआई और सरकार के बीच खींचतान चल रही थी. अरुण जेटली और उर्जित पटेल के बीच आरबीआई की स्वायत्तता को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे. कुछ दिन पहले आरबीआई की बोर्ड मीटिंग में भी बड़े फैसले लिए गए थे जिनके बारे में कहा जा रहा था कि इन पर सरकार और आरबीआई के बीच मतभेद बाकी हैं. RBI गवर्नर का इस्तीफा वित्त मंत्री अरुण जेटली की अदूरदर्शिता का परिणाम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के भी मामले पर कुछ नहीं बोलने से देश में अच्छा मैसेज नहीं गया है. 





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