मध्यप्रदेश में वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताड़ना से निम्न वर्ग कर्मचारी आत्महत्या जैसे कदम उठाने मजबूर



भोपाल। मध्यप्रदेश में निम्न तृतीय वर्ग चतुर्थ वर्ग कर्मचारी काम के बोझ और वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताड़ना से वे आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं. पिछले दिनों अशोकनगर के बहादुरपुर थाने में पदस्थ एएसआई रघुवंशी ने 23 दिसंबर को सिटी कोतवाली परिसर में रेडियो टॉवर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला था। इसमें लिखा है कि काम के बोझ और टीआई बीएस गौर की प्रताड़ना से वे यह कदम उठा रहे हैं। 


मामले को आज मंगलवार को गुना से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अशोकनगर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सतीश रघुवंशी की आत्महत्या प्रकरण को लोकसभा के शून्यकाल में उठाया। सिंधिया ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की। सिंधिया ने लोकसभा में दावा किया कि, अशोकनगर जिले में पदस्थ एएसआई रघुवंशी द्वारा थाने और सिटी कोतवाली के बीच वायरलेस टॉवर की ग्रिल पर पुलिस वर्दी पहनकर खुदकुशी किया जाना संदिग्ध घटना है। सिंधिया ने मृतक पुलिस अफसर की जेब में मिले पत्र में पुलिस अधिकारियों की प्रताड़ना का उल्लेख करते हुए जिले में तैनात तत्कालीन पुलिस अधीक्षक(एसपी) की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

वहीँ यह बात भी सामने आई कि कई निम्न वर्ग कर्मचारी इस प्रकार से भारी तनाव के बीच काम कर रहे हैं और काम के दबाब सहित मध्यप्रदेश में वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताड़ना से आत्महत्या जैसे कदम उठाने मजबूर हो रहे हैं. 

Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc