सूखी सेवनियां सुखी होगी और अधिक हरी होगी

सूखी सेवनियां अब सूखी नहीं बल्कि हरियाली वाली हो गई है. यहाँ के बाशिंदे अब सूखी सेवनियां को सुखी सेवनियां कहने लगे हैं. यहाँ के लोग हरियाले के लिए काफे एसजग हैं और वह न केवल पौध-रोपण करते बल्कि बाद तक तब तक देखभाल भी करते हैं जब तक कि वह बड़े होकर संभल न जाएँ. यही कारण है कि अब सूखी सेवनियां हरियाली ओढ़ती जा रही है और सूखी तो रह ही नहीं गई है. 



राहुल जैन  

क्षेत्र के कार्यरत अधिकारी कर्मचारी भी इस दिशा में खूब रूचि लेते हैं. हाल में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के 400 के.व्ही. उप केन्द्र सूखी सेवनियां परिसर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कटहल एवं जामुन के पौधे लगाये. उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी यहाँ लगभग 150 पौधे लगाये गये थे, जिनमें से अधिकांश जीवित हैं. पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा लगातार तीन वर्ष से पौध-रोपण किया जा रहा है. ऐसे में कहा जा सकता है सूखी सेवनियां और सुखी होगी और अधिक हरी होगी.  


पावर ट्रांसमिशन कंपनी परिसर में पौधों को पर्याप्त पानी मिलता रहे इसके लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य भी किया गया है. परिसर में गत वर्ष आम, अमरूद, कबीट, बेल, जामुन, सतपर्णी, महुआ, आंवला, मुनगा, नीम, कदम, सकोमा, गूलर, पाकर, हर्रा, वहेरा, भिल्मा, सिंदूरी, पुत्रजीवक आदि पौधों का रोपण किया जा चुका है. 


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