'हम करें तो रासलीला, दुसरा करे तो कैरेक्टर ढीला' पूर्व CM कमलनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार को संवैधानिक व्यवस्थाओं से बड़ा खिलवाड़ और जनता के साथ मज़ाक बताया



'हम करें तो रासलीला, दुसरा करे तो कैरेक्टर ढीला' जैसे बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार पर ट्विट कर इसे संवैधानिक व्यवस्थाओं के साथ बड़ा खिलवाड़ और प्रदेश की जनता के साथ मज़ाक बताया है.


लोकतंत्र के इतिहास में मध्यप्रदेश का मंत्रिमंडल ऐसा मंत्रिमंडल है, जिसमें कुल 33 मंत्रियों में से 14 वर्तमान में विधायक ही नहीं हैं. बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसे संवैधानिक व्यवस्थाओं के साथ बड़ा खिलवाड़ और प्रदेश की जनता के साथ मज़ाक बताया है.

आपको जानकारी दे दें कि खुद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बिना संवैधानिक पद के मुख्यमंत्री बन गये थे. तब जनता के साथ मज़ाक़ किसने किया था? क्या यह कहना गलत होगा कि 'हम करें तो रासलीला, दुसरा करे तो कैरेक्टर ढीला..'

कमलनाथ जी वैसे आपको खूब अच्छे से पता होगा कि असल में यह संविधान में प्रावधान किया गया है कि कोई भी व्यक्ति मंत्रिमंडल का सदस्य बन सकता है, परन्तु उस व्यक्ति को 6 माह के अंदर किसी भी सदन की सदस्यता लेनी होती है. अगर आप सदस्यता लेने से रोकने में सफल होते हैं तो उनका मंत्री पद अपने आप खत्म हो जायेगा. बेहतर हो संविधान में इस तरह के प्रावधान पर कोई पहल करें. 




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