Today Solar Eclipse : सूर्य ग्रहण शुरू, जुगाड़ वाले चश्मे से न देखें

ग्रहण से जुड़ी अहम् बातें
Solar Eclipse 21 June: Full solar eclipse will take place after a ...

आज साल का पहला सूर्यग्रहण लगने जा रहा है जो पूरे 5 घंटे 48 मिनट का होगा, लेकिन भारत में यह केवल 3 घंटे 26 मिनट तक दिखाई देगा। इस ग्रहण का व्यापक असर ना सिर्फ भारत पर होगा बल्कि इसका प्रभाव चीन, अमेरिका, सहित दुनिया के कई अन्य देशों पर भी दिखेगा। इस ग्रहण को 26 दिसंबर 2019 के ग्रहण के बाद फैले कोरोना महामारी के प्रभाव से मुक्ति दिलाने वाले ग्रहण के रूप में भी देखा जा रहा है। यह सूर्यग्रहण भारत में आज 21 जून को सुबह 9 बजकर 56 मिनट पर शुरू हो जाएगा और ग्रहण के दौरान कुछ स्थानों पर सूर्य 94 फीसद तक छुप जाएगा और रिंग ऑफ फायर के रूप में नजर आएगा।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में सूर्य ग्रहण 21 जून को सुबह 10.20 मिनट से प्रारंभ होकर 3 घंटे 28 मिनट 36 सेकेंड तक रहेगा। देश-दुनिया में कई जगहों पर सूर्यग्रहण लगने के दौरान दिन में भी शाम जैसी स्थिति हो जाएगी। सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य चमकते छल्ले की तरह दिखाई देगा। खास बात कि साल के सबसे बड़े दिन पर लगने वाला यह सूर्यग्रहण देश में कहीं पूर्ण रूप से तो कहीं आंशिक रूप से दिखाई देगा। इस बार उत्तर भारत के लोगों को भी यह अद्भूत दृष्ट देखने को मिलेगा। ग्रहण के समय सूर्य के केंद्र का भाग पूरा काला नजर आने वाला है, जबकि किनारों पर चमक रहेगी।

सबसे पहले मुंबई में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
सबसे पहले मुंबई और पुणे में 10.01 बजे से दिखना शुरू होगा। गुजरात के अहमदाबाद और सूरत में 10.03 बजे से दिखना शुरू होगा। अन्य देशों में ये ग्रहण पूरी तरह 3.04 बजे खत्म होगा। ये देश में कई जगहों पर खंडग्रास (आंशिक) सूर्यग्रहण के रूप में दिखाई देगा। भारत के अलावा ये ग्रहण नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूऐई, एथोपिया तथा कांगो में दिखाई देगा।

ग्रहण की शुरुआत यूं तो 9 बजकर 16 मिनट से है, लेकिन भारत में इसका आरंभ सुबह 9 बजकर 56 मिनट  होगा और यह सबसे पहले गुजरात के द्वारका शहर में दिखेगा। यहां ग्रहण का मध्य दिन में 11 बजकर 30 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण का मोक्ष 1 बजकर 20 मिनट पर होगा। जबकि 2 बजकर 28 मिनट पर पूरे देश में ग्रहण समाप्त हो चुका होगा। भारत में सबसे अंत में कोहिमा में ग्रहण का मोक्ष होगा यहां ग्रहण का आरंभ 11 बजकर 04 मिनट पर होगा।

केवल यहां दिखेगा भारत में कंकण सूर्यग्रहण
साल 2020 में भारत में दिखने वाला एक मात्र सूर्यग्रहण कंकण सूर्यग्रहण होगा। लेकिन पूरे देश में यह ग्रहण खग्रास के रूप में नजर नहीं आएगा। कुछ स्थानों पर लोग इस ग्रहण को खंडग्रास के रूप में ही देख पाएंगे। भारत में मसूरी, टोहान, चमोली, कुरुक्षेत्र, देहरादून में यह ग्रहण कंकण रूप में नजर आएगा। जबकि कई नगरों में ग्रहण का प्रतिशत अलग-अलग होगा और खंडग्रास के रूप में दिखेगा। देश की राजधानी दिल्ली में ग्रहण के दौरान सूर्य का 95 फीसद हिस्सा कटा हुआ दिखेगा।

सूर्य ग्रहण के दौरान नंगी आंखों से आसमान की ओर देखने से बचना चाहिए। इस दौरान सूरज की इनफ्रारेड और अल्ट्रावॉयलेट किरणें आंखों के रेटिना को नुनकसान पहुंचा सकती हैं।

बच्चों से लेकर बड़ों तक कोई भी इस ग्रहण को नंगी आंख से न देखें। नासा के अनुसार, सूर्य ग्रहण को देखने के लिए सोलर फिल्टर ग्लास वाले चश्में का इस्तेमाल करें।
  • यह भी सलाह है कि घर के बनाए जुगाड़ वाले चश्मे या किसी लेंस से सूर्य ग्रहण न देखें। इससे आपकी आंख पर बुरा असर हो सकता है।
  • ग्रहण के वक्त आकाश की ओर देखने से पहले सोलर फिल्टर चश्मा लगाएं और नजर नीचे करने के बाद या ग्रहण समाप्त होने के बाद ही इसे हटाएं।
  • एक अमेरिकी संस्था के अनुसार, ग्रहण के वक्त कार/अन्य वाहन न चलाएं, लेकिन यदि कोई ग्रहण के वक्त रास्ते में ही है तो वह अपने वाहन की हेडलाइट जलाकर और अन्य वाहनों से कुछ दूरी बनाकर ही वाहन चलाए। ड्राइविंग में विशेष सावधानी बरतने की हिदायत है।
  • बच्चों को यदि ग्रहण दिखाने का प्लान बना रहे हैं तो उनकी आखों को बचाने वाले सोलर फिल्टर चश्मे की व्यवस्था जरूर कर लें।
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News Digital India 18

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