एनजीओ को काम के बहाने कलेक्टर ने चेंबर के रेस्ट रूम में किया बलात्कार



कलेक्टर के पास समस्या लेकर जाना महिला को महंगा पड़ गया, महिला को एनजीओ का काम दिलाने का झांसा देकर अपने चेंबर के रेस्ट रूम में ही कलेक्टर उसकी अस्मत से खेल गया. और फिर हर बार एनजीओ को काम का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा, लेकिन जब महिला को काम भी नहीं मिला तो वह थाने पहुँच गई.



आकाश नागर  

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में जिस कलेक्टर भवन में लोगों को न्याय दिलाने के लिए दरबार लगता है, वहां एक महिला की अस्मत लूट ली जाती है. यह भी एक आईएएस ऑफिसर के द्वारा. वह आईएएस ऑफिसर जो जिले का प्रथम व्यक्ति होता है तथा लोगों को न्याय दिलाता है. छत्तीसगढ़ के इस आईएएस के एक महिला के शोषण की इस घटना से लोगों का अधिकारियों पर विश्वास उठ रहा है.


आईएएस द्वारा पहले महिला को एनजीओ में काम दिलाने के झांसे में फसाया गया और फिर उसके बाद उसे कलेक्ट्रेट स्थित अपने चेंबर में बुलाने लगा, जहां उसने महिला के साथ बलात्कार किया. महिला ने जब आनाकानी की तो आईएएस ऑफिसर ने उसके पति की नौकरी छुड़वाने की धमकी देकर उसे अपने साथ सोने को मजबूर किया. हालांकि, आईएएस ऑफिसर के खिलाफ जांच बैठ गई है. पुलिस ने यह जांच महिला के पास मौजूद आईएएस ऑफिसर के मैसेंजर चैट और अश्लील फोटो तथा वायस रिकार्डिंग के आधार पर किए हैं. फिलहाल यह आरोपी आईएएस अधिकारी छत्तीसगढ़ मंत्रालय में भू अभिलेख शाखा में कार्यरत है.

एक महिला का आरोप है कि वह जांजगीर-चांपा के तत्कालीन कलेक्टर जनक पाठक के पास समस्या लेकर गई थी. तब से उसकी पहचान हुई और बातचीत होने लगी. इस बीच कलेक्टर पाठक ने महिला को एनजीओ का काम दिलाने का झांसा दिया. महिला का आरोप है कि 15 मई को कलेक्टर ने कलेक्टेरिएट में ही अपने चेंबर के रेस्ट रूम में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया. महिला का यह भी आरोप है कि इसके बाद से उसके साथ कई बार कलेक्टर ने शारीरिक संबंध बनाया. हर बार झांसा देते रहे कि जल्द ही उसे एनजीओ को काम मिल जाएगा, लेकिन डेढ़ माह बाद भी महिला को काम नहीं दिलवाला गया.


आईएएस अधिकारी जनक पाठक की इस हरकत के बाद महिला ने मामले की शिकायत आला अधिकारियों के माध्यम से राज्य शासन तक पहुंचाई है. महिला ने साक्ष्य के तौर पर मैसेज, बातचीत की रिकार्डिंग और अश्लील तस्वीर भी प्रस्तुत की है. इसके बाद शासन हरकत में आ गया है. मामले की शिकायत के बाद जांजगीर-चांपा के वर्तमान जिलाधिकारी यशवंत कुमार ने इस मामले की जांच के लिए एसपी पास्र्ल माथुर को अधिकृत किया है.

गौरतलब है कि 2007 बैच के आइएएस जनक पाठक जून 2019 को जांजगीर-चांपा कलेक्टर के पद पर पदस्थ हुए थे. अभी हाल ही में उनका तबादला आदेश जारी हुआ है. बीते 28 मई को उन्होंने  आईएएस यशवंत कुमार को जांजगीर-चांपा के जिलाधिकारी का चार्ज सौपा था.

जानकारी के अनुसार एस पी माथुर,एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह ने मामले की जांच शुरू कर दी है. महिला का बयान लेकर साक्ष्य का परीक्षण किया गया. इसके साथ ही पुलिस ने मामले में आइएएस जनक पाठक के खिलाफ धारा 376, 509 ख और 506 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है.


बताया जा रहा है कि  आईएएस जनक पाठक पीड़ित महिला से पर्सनल बातें करते थे. इसके साथ ही महिला से पर्सनल तस्वीरें मांगते थे. यही नहीं बल्कि वह खुद भी अपनी अश्लील फोटो भेजा करते थे. महिला का आरोप है कि जब कलेक्टर की तरफ से झांसा दिए जाने का अहसास हुआ, तब उसने दूरी बनानी शुरू कर दी, लेकिन इसके बाद उन्होंने पति को नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया.

याद रहे कि  छत्तीसगढ़ के किसी कलेक्टर पर रेप का यह दूसरा मामला है. इससे पहले वर्ष 2002 में जशपुर के तत्कालीन कलेक्टर एम आर सारथी पर आदिवासी हास्टल की अधीक्षिका ने रेप का आरोप लगाया था. इसकी जांच डीआईजी डब्ल्यू एम अंसारी ने की थी और उन्होंने रेप की घटना को सही बताया था. लेकिन तबकी सरकार ने सारथी को बचा लिया था. हालांकि, सारथी के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चला. उन्हें सात साल की जेल हुई और जेल में ही बीमारी के दौरान उनकी मौत हो गई थी.




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