सत्ता के साथ से बसपा विधायक रामबाई ने रचा कुचक्र, देवेंद्र हत्याकांड में फंसे परिवार को निकालने का पैंतरा


In Devendra Chaurasia murder case BSP MLA Ramabai Difficulties ...

अपनी कुख्यात शैली के लिये चिर परिचित चेहरा विधायक रामबाई ने मप्र में सत्ता का साथ मिलते ही, अपने दुश्मनों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। आरोप है कि चर्चित देवेंद्र हत्याकांड में अपने परिवार के सदस्यों को बचाने के लिये रामबाई ने पीड़ित परिवार पर झूठे मुकदमे दर्ज कराना शुरू करवा दिया है, ताकि देवेंद्र की हत्या के साक्षी उसके पुत्र और अन्य गवाहों पर दवाब बनाया जा सके।  


धीरज चतुर्वेदी

आज शुक्रवार को बीजेपी सरकार के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के पुत्र सिद्धार्थ मलैया के नेतृत्व में हजारों लोगो ने चौरसिया परिवार पर दर्ज झूठे मुकदमे पर ख़ारजी लगाने को लेकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में प्रदीप खटीक, रॉव ब्रजेन्द्र सिंह, ऋषि सिंह लोधी के अलावा कांग्रेस के युवा तुर्क आनंद पटेरिया, दीपेश पटेरिया भी प्रमुख रूप से आगे रहे।  

ज्ञात हो कि पिछले साल 15 मार्च 2020 बसपा छोडकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वाले देवेन्द्र चौरसिया की दमोह जिले के ग्राम हटा में हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में विधायक रामबाई के परिवार का हाथ होने का आरोप है। यहां तक कि विधायक पति, देवर, भतीजा और भाई सहित अन्य के खिलाफ नामजद रिपोर्ट की गई थी। इस मामले में पति गोविन्दसिंह पर 25 हजार का ईनाम भी घोषित किया गया था। बाद में जब पुलिस ने चार्जशीट पेश की तो गोविन्द्रसिंह को क्लीनचिट दे दी। गोविन्द सिंह को आरोपी बनाने के लिये मृतक के पुत्र सोमेश ने हाईकोर्ट की शरण ली। इस हत्याकांड में रामबाई के परिवार के अन्य सदस्य जेल में है। 


चौरसिया परिवार का आरोप है कि देवेंद्र हत्याकांड में राजीनामा के लिये झूठे केस में फ़साने का निरंतर दवाब बनाया जा रहा है। जिसकी सूचना आला अधिकारियो को दी जाती रही है। इस सन्दर्भ में मृतक देवेंद्र के भाई अशोक चौरसिया ने बताया कि उनकी निजी भूमि पर अदालत से स्टे लगा हुआ है। इसके बाद भी विधायक रामबाई के करीबी अशोक बसोर, विद्यारानी कालीचरण अहिरवार निवासी केरवाना द्वारा जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जिसकी लिखित सूचना चौरसिया परिवार ने दमोह जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित एसडीओपी हटा, तहसीलदार बटियागढ़ को दी। 

आरोप है कि विधायक रामबाई अपने  अनुसूचित जाति के करीबियों को मोहरा कि तरह इस्तेमाल कर देवेंद्र हत्यकांड के गवाहों को प्रभावित करना चाहती है। जिसकी बिसात के जरिये 24 जून 2020 कि रात्रि करीब 8.30 बजे थाना मगरोन में कमलेश अहिरवार के द्वारा एक रिपोर्ट कर चाल चली जाती है। यह रिपोर्ट देवेंद्र चौरसिया के परिवार के खिलाफ कि गई। 

आरोप है कि रिपोर्ट में मनगढ़ंत कहानी लिखी  गई। पुलिस ने चौरसिया परिवार पर धारा 307 ताहि के तहत मुकदमा भी दर्ज कर लिया। आज शुक्रवार को रामबाई कि साजिश में दर्ज मुकदमो कि वापसी को लेकर पूरा हटा क़स्बा बंद रखा गया। हजारों कि भीड़ ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का खास था कि बीजेपी ओर कांग्रेस के नेता एक मंच पर थे। बीजेपी सरकार के पूर्व मंत्री जयंत मलैया के पुत्र सिद्धार्थ मलैया जहाँ थे वहीँ हटा के कांग्रेस के उभरते युवा चेहरे आनंद पटेरिया, दीपेश पटेरिया सहित प्रदीप खटीक,रॉव ब्रजेन्द्र सिंह ,ऋषि सिंह लोधी प्रमुख रूप से थे। जिन्होंने चौरसिया परिवार पर ढाये जा रहे जुल्म का मुखर होकर विरोध किया। राज्यपाल के नाम नाम स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौपा गया। जिसमे 15 दिन समय सीमा में झूठे मुक़दमे वापिस लेने की मांग की गई है। 

विधायक रामबाई की पारिवारिक पृष्ठभूमि दर्शाती है कि उनका परिवार का रिकार्ड आपराधिक है। रामबाई का राजनैतिक सफर काफी खतरनाक रहा है। विधानसभा चुनाव 2018 में नामांकन में प्रस्तुत हलफनामे के अनुसार उन पर 5 आपराधिक मामले दर्ज है। जिसमें हरिजन एक्ट का अपराध है। उनके पति गोविन्दसिंह पर विभिन्न थानो के रोजनामचो में 17 अपराध दर्ज है। जिसमें दमोह जिले के चार थानो में 16 और जबलपुर क्षेत्र के थाने में एक अपराध पंजीबद्ध हुआ है। विधायक पति गोविन्द सिंह पर हत्या, हत्या के प्रयास, महिलाओ को बहला फुसलाकर ले जाना, लूट, डकैती की योजना बनाने और अवैध हथियार रखने जैसे जघन्य और गंभीर अपराध दर्ज है।



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