ट्रांसफर के लिए कारण देने की जरूरत नहीं -हाईकोर्ट


Third-grade teachers transfers process begin, transfer camps in ...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि प्रशासनिक कारणों से किसी भी कर्मचारी का ट्रांसफर किया जा सकता है. जस्टिस टीएस ढींडसा ने इस संबंध में टैक्सेशन इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह की पंचकूला से नूंह ट्रांसफर किए जाने के संबंध में दी गई चुनौती याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रशासनिक कारणों से ट्रांसफर किया जा सकता है और इसके लिए कर्मचारी को कोई कारण दिए जाने की जरूरत भी नहीं है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मौजूदा मामले में किसी बद नियती से ट्रांसफर नहीं किया गया है. ऐसे में ट्रांसफर ऑर्डर में दखल देने की जरूरत नहीं है.


ये था मामला  
टैक्सेशन इंस्पेक्टर ने 7 मई 2020 के हरियाणा के एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर के फैसले को खारिज करने की मांग की थी, जिसमें उनका तबादला पंचकूला से नूहू कर दिया गया था. याचिका में कहा गया कि 30 जून 2021 को उनकी रिटायरमेंट है और रिटायरमेंट के समीप कर्मचारी का तबादला नहीं किया जा सकता. 7 अप्रैल 1989 की ट्रांसफर पॉलिसी के मुताबिक यह तबादला गलत ढंग से किया गया है ऐसे में इसे खारिज किया जाए. हरियाणा सरकार की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि ट्रांसफर किसी बद नियति से नहीं किया गया. यह रूटीन प्रशासनिक फैसला था. यही नहीं याची 15 जनवरी 2015 से पंचकूला में कार्यरत हैं. नियमों के मुताबिक सामान्य परिस्थितियों में 3 साल के बाद एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर ट्रांसफर किया जा सकता है. इसके अलावा राजेंद्र सिंह की रिटायरमेंट में अभी 1 साल से ज्यादा का समय बाकी है. ऐसे में याचिका खारिज किया जाए.



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