सूटकेस पर घर जा रहे बच्चे की तस्वीर पर NHRC ने लिया संज्ञान,पंजाब-यूपी मुख्य सचिव, आगरा डीएम को भेजा नोटिस



कोरोना काल में मजदूरों के दर्द की ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं जो इंसानियत को चोट पहुंचाने वाली हैं. ऐसी ही एक तस्वीर हाल ही में आगरा हाई-वे से आई जिसमें एक मजबूर मां अपने बच्चे को सूटकेट पर लेटाकर ले जा रही है. थका-हारा बच्चा सूटकेस पर ही सो रहा है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस घटना का संज्ञान लिया है.


राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस घटना को लेकर पंजाब और यूपी सरकार के मुख्य सचिव के अलावा आगरा के डीएम को नोटिस भेजा है. आयोग ने कहा है कि ऐसी घटनाएं केवल स्थानीय अधिकारियों की 'लापरवाही और अनुचित नजरिया' दिखाती हैं.

घटना पर अफसोस जताते हुये एनएचआरसी ने नोटिस में पूछा है कि क्या पीड़ित परिवार और उनके जैसे दूसरे लोगों तक मदद पहुंचाने के लिये स्थानीय प्रशासन को अलर्ट किया गया था.


गौरतलब है कि लॉकडाउन में फंसे कुछ मजदूर पंजाब से निकले थे और उन्हें यूपी के महोबा जाना था. मजदूरों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. पंजाब से लंबा सफर तय करते-करते ये लोग आगरा हाई-वे तक पहुंच गये. पैदल चलते-चलते बड़ों के साथ ही बच्चों भी थक गये. हालात ये हो गये कि एक महिला ने अपने करीब 6 साल के बेटे को ट्रॉली सूटकेस पर ही लेटा दिया. तस्वीर इतनी मार्मिक है कि बच्चे का आधा शरीर सूटकेस के ऊपर है, जबकि बाकि हिस्सा सूटकेस से सटकर नीचे लटका हुआ है. बच्चे की मां सूटकेस को खींचते हुये रोड पर चली जा रही है.

ये वीडियो सामने आया तो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. आगरा प्रशासन भी हरकत में आया. विपक्ष ने सरकार की बदइंतजामी को लेकर खूब आलोचना की. अब एनएचआरसी ने इस पर संज्ञान लिया है और जवाब तलब किया है.

आगरा के डीएम प्रभु नारायण सिंह ने एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान सूटकेस पर सो रहे बच्चे की वायरल वीडियो को लेकर कहा था कि बचपन में हम भी ऐसा ही करते थे. 




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