छतरपुर पर मंडराया महोबा से कोरोना का ख़तरा, एक डॉक्टर की गलती पड़ रही दो जिलों पर भारी


बड़ा खुलासा 


डॉक्टर की एक गलती से बनी समस्या, खतरनाक दिशा की ओर महोबा साथ में छतरपुर भी चपेट में.
महोबा में दो युवकों के कोरोना वायरस पॉजिटिव पर बड़ा खुलासा 
जिला अस्पताल के सीएमओ पर कार्यवाही की तैयारी 
उरई में आइसोलेट डॉक्टर सिंह को मुख्यालय छोड़ने पर नोटिस
हम तो डूबेंगे सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे, जैसी स्थिति बन रही है महोबा से छतरपुर के लिए. 


धीरज चतुर्वेदी 


उत्तरप्रदेश के महोबा में आज दो कोरोना पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया है. ग्रीन जोन से रेड जोन में जाने की दुर्दशा के पीछे सनसनीखेज खबरें आ रही हैं, जो महोबा जिले को किसी भी खतरनाक दिशा की ओर ले जा सकती है. इसी के साथ छतरपुर जिले के लिये भी बड़े संकट की आहट है. क्योंकि छतरपुर जिले के लवकुश नगर अनुभाग का बड़ा हिस्सा महोबा से सटा है. यहाँ तक कि इस हिस्से के लोग पूरी तरह अपनी जरूरतों के लिये महोबा शहर पर ही आश्रित हैं. इसलिए छतरपुर प्रशासन को भी सचेत रहना होगा, वरना थोड़ी सी चूक बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे सकती है.


महोबा अस्पताल के कर्मियों का सामूहिक कोरोना टेस्ट कराया गया था. इसमें दो युवकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, वे स्वास्थ्य कर्मी बताये जा रहे हैं, लेकिन जानकारी के अनुसार ये दोनों युवक काफी आगे रहकर डॉक्टर्स के हेल्पर थे. जानकारी में चर्चा है कि ये दोनों युवक काफी आगे रहकर काम करने से डॉक्टर्स के चहेते हो गए थे. इन दोनों युवकों ने आज सुबह तक अस्पताल में कार्य किया, पर जैसे ही पॉजिटिव रिपोर्ट आई, वैसे ही हड़कम्प मच गया. दोनों को बाँदा भेज दिया गया है. इनका दोबारा टेस्ट भी कराया जा रहा है, क्योंकि इन युवकों में वायरस के लक्षण नहीं दिखे, फिर भी पॉजिटिव रिपोर्ट आई. 

सीएमएस आरपी मिश्रा ने दो लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की है. डीएम और एसपी ने जिले के बैंकों को बंद करा दिया है. साथ ही गांधीनगर और भटीपुरा के मार्गों को सील कर दिया गया है. जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तालाबंदी कर दी गई है. 

अस्पताल के कर्मियों का सामूहिक कोरोना टेस्ट क्यों कराया गया? इसके पीछे की भी कहानी रोचक है. जानकारी के अनुसार महोबा अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ एसपी सिंह कुछ दिन पूर्व अपने गृह निवास उरई गये थे, जहाँ वे अपने जिस मित्र डॉक्टर से मिले थे, उनके उस मित्र डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. इस आधार पर डॉक्टर सिंह स्वतः ही उरई में आइसोलेट हो गए. जब यह खबर महोबा प्रशासन को मिली तो अस्पताल से जुड़े कर्मियों का टेस्ट कराया गया, जिसमे दो युवकों के पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई. वैसे जानकारी अनुसार डॉक्टर सिंह की रिपोर्ट नेगेटिव आई है. 

डॉक्टर सिंह की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद बड़ा सवाल यह पैदा हो गया कि फिर वे दोनों युवक किस तरह संक्रमित हुए? और यही सवाल छतरपुर के लिए भी भयभीत करने वाला बन गया है. जानकारी के अनुसार असल में यह दोनों युवक रोज ही कई मरीजों और उनके परिजनों के साथ अस्पताल स्टॉफ के सम्पर्क में आये. ऐसे में अब ये किन लोगों से सम्पर्क के बाद संक्रमित हुए यह तलाशना आसान नहीं है. 

इस प्रकार से महोबा जिले के साथ ही छतरपुर जिले के लिये भी यह बड़े संकट की आहट है, क्योंकि छतरपुर जिले के लवकुश नगर अनुभाग का बड़ा हिस्सा महोबा से सटा है. यहाँ तक कि इस हिस्से के लोग पूरी तरह अपनी जरूरतों के लिये महोबा शहर पर ही आश्रित हैं. इसलिए छतरपुर प्रशासन को भी सचेत रहना होगा, वरना थोड़ी सी चूक बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे सकती है. 




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