उसने कहा 'देख बेटी तेरे बाप को सरकार हरा न सकी'



यह भीम सिंह हैं. दोनों पैरों से अपाहिज हैं. यह नकली टांगों के सहारे चलकर कानपुर से भरतपुर अपने घर पहुंचे. जब इनसे पूछा गया आप में इतनी हिम्मत कहाँ से आई, तो बोले कि मैं अपनी बच्ची से आँख मिलाकर कहना चाहता था कि देख बेटी तेरे बाप को सरकार हरा न सकी.  


आज जब मजदूर विवश है, आपदा की बुरी धड़ी घर में जाना चाहता है, लेकिन सरकार ने सारे रास्ते बंद कर दिए हैं. वह भटक रहा है, मर रहा है. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर 20 lakh करोड़ का पैकेज किसके लिए है? यह बन्दा कह रहा है देख बेटी तेरे बाप को सरकार हरा न सकी.  

भीम सिंह दोनों पैरों से अपाहिज है, नकली टांगों के सहारे चलकर कानपुर से भरतपुर अपने घर पहुंचे। जब इनसे पूछा गया आपमें इतनी हिम्मत कहाँ से आई, तो बोले कि मैं अपनी बच्ची से आँख मिलाकर कहना चाहता था कि देख बेटी तेरे बाप को सरकार हरा न सकी @PMOIndia @ashokgehlot51
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