जब कोई चमचमाती कार गज़ब की स्पीड से आपके पास से निकल जाती है



सड़क पर ट्रैफिक में कभी आपने किसी पति-पत्नी को एक ही साईकिल पर खुशी से जाते हुए ध्यान से देखा है? अपनी कार की स्पीड कम करके उन्हें जाने के लिए जगह छोड़ी है? किसी बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते पिता की मेहनत, लगन और जज्बात को समझने की कोशिश की है?


पंकज त्रिवेदी           


कहीं ऐसा तो नहीं कि इस वक्त आप भले ही कार में सवार होकर जा रहे हों. मगर कुछ ही साल पहले आप भी किसी साईकिल या स्कूटर जाते थे और कोई चमचमाती कार गज़ब की स्पीड से निकल जाती है और आपकी भी जान निकल जाती है एक ही पल में! क्योंकि आपके पास उस वक्त कार खरीदने के पैसे नहीं थे, मगर परिवार को साईकिल पर बिठाकर मेहनत के साथ ले जाने का आनंद था, समय भी था !



मैं अपने परिवार के साथ कार में जा रहा था. साईकिल सवार मज़दूर पति-पत्नी और बच्चे को जाते देखकर मैंने कार रोक ली थी. मैं उन्हें देखकर अपनी ज़िंदगी को मुड़कर देखने लगा था. मैंने छोटी बेटी को कहा : "बेटा, एक दिन था, जब मैं साईकिल चलाकर तुम्हारी माँ और दीदी को लेकर जाता था. आज भी वो दिन याद है मुझे ! तुम भी इस बात का ख्याल रखोगी तो मुझे मेरे संस्कार पर गर्व महसूस होगा."




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