VIDEO परमिशन एक तरफ रख नायब तहसीलदार ने आदिवासी किसान के नलकूप खनन पर लगाई रोक




नुकसान की हो भरपाई या फिर तहसीलदार, पटवारी पर कार्रवाई, 

पीड़ित आदिवासी किसान हीरालाल लगायेगा मुख्यमंत्री और न्यायालय से गुहार


यह कोई पहला मामला नहीं है इसके पहले भी लखनादौन में पदस्थ नायब तहसीलदार अभिषेक यादव अपने पद और पद के दुरुपयोग के मामले में सुर्खियों बटोर चुके हैं. लगातार शासन प्रशासन के आदेशों निर्देशों के बावजूद आदिवासी किसानों पर बेवजह कानूनी डंडा चला कर उन्हें परेशान किया जाता है. ऐसा ही मामला लखनादौन के धूमा क्षेत्र में एक आदिवासी किसान हीरालाल के द्वारा की गई शिकायत में सामने आया है. 



सिवनी, धूमा / आदिवासी किसान हीरालाल के द्वारा विधिवत नलकूप खनन हेतु विभाग से अनुमति ली गई और इसके बाद नलकूप खनन हेतु मशीन बुलाकर खनन किया जा रहा था कि नायब तहसीलदार अभिषेक यादव के द्वारा पटवारी और कोटवार के माध्यम से आदिवासी हीरालाल के नलकूप खनन पर रोक लगवा दी गई. जानकारी के अनुसार ऐसा किसी नेता व अखबार के प्रतिनिधि के कहने पर किया गया. किसान हीरालाल  का नलकूप खनन का सपना अधूरा ही रह गया और अधूरे खनन के कारण आदिवासी किसान का पैसा बर्बाद हो गया. किसान परेशान है और अपनी व्यथा किसे सुनाये, रो रहा है. उसे दरकार है तो केवल न्याय की जो उसे मिलेगा या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा. 

पहले मशीन भगा दी अब बोल रहे ''मैने तो बोला कि जब परमीशन है तो करो काम, किसने मना किया, मशीन चालू रखो.''
जहां तक बात खनन  की अनुमति की है तो आदिवासी किसान के पास नलकूप खनन की अनुमति विधिवत नियमानुसार ले ली गई थी. इसके बावजूद नायब तहसीलदार अभिषेक यादव ने  नलकूप खनन की अनुमति की जांच करने या कराने के बजाए नलकूप पर रोक लगवा दी. साथ ही उक्त मशीन वहां से हटवा दी गई. मामला बढ़ाने पर बाद में यह कहा जा रहा है कि नलकूप खनन पर रोक नहीं लगाई गई, केवल दस्तावेज चेक किए गए. सवाल हैं यदि केवल दस्तावेज चेक किए गए तो फिर दस्तावेज चेक करने पर मशीन क्यों हट गई और फिर किसान का पूरा नलकूप खनन क्यों नहीं हुआ? आखिरकार आदिवासी किसान हीरालाल को नलकूप खनन नहीं होने की शिकायत क्यों करनी पड़ी? 



ग्राम पेयजल की भीषण समस्या
ग्राम पंचायत धपारामाल के ग्राम गोकलपुर के ग्रामीण जन पेयजल की समस्या को लेकर अत्याधिक परेशान है. गोकलपुर में लगभग 700 से जनसंख्या होगी और पेयजल की सुविधा के लिये मात्र एक ही हैण्डपंप है. जहां से पेयजल के लिये पानी की व्यवस्था ग्रामीण जन वहीं से पूरी करते है और इसके लिये सुबह से लेकर रात्रि तक पानी भरने का काम ग्रामीणों को करना पड़ता है, तब कहीं जाकर उन्हें पेयजल की लिये पानी नसीब होता है. गर्मी के समय तो उन्हें गांव के बाहर जाकर पानी की व्यवस्था करना पड़ता है.

किसान को न्याय की दरकार
नलकूप खनन के मामले पर किसान परेशान है और नायब तहसीलदार सफाई दे रहे, कि उन्होंने खनन पर रोक नहीं लगाई नलकूप खनन रोके जाने से किसान का पैसा बर्बाद हो गया और नलकूप खनन नहीं हो पाया अब किसान को नुकसान की भरपाई चाहिए या  फिर नलकूप खनन की अनुमति होने के बावजूद रोक लगाने वालों पर कार्रवाई यदि किसान को न्याय नहीं मिला तो किसान का कहना है कि वह प्रदेश के मुख्यमंत्री  और न्यायालय  की शरण में जरूर जाएगा. बेचारे आदिवासी हीरालाल किसान को बेवजह परेशान करने में राजनीति आड़े आ गई और किसान का नलकूप खनन नहीं हो पाया. जिन लोगों के कारण किसान का पैसा अधूरे खनन से बर्बाद हो गया. वह लोग अपने को दवंग समझ रहे है और किसान परेशान है, वहीं प्रशासन के ऐसे अधिकारी  जो पद की गरिमा के आगे बेपरवाह.

मुख्यमंत्री कर चुके है पेयजल व्यवस्था की समीक्षा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा कुछ दिनों पहले ही जल शक्ति नियोजन मंत्री के साथ वीसी के माध्यम से मध्य प्रदेश में गांव-गांव पेयजल उपलब्ध करवाये जाने के लिये की कार्यवाही व व्यापक तैयारी की स्थिति से अवगत कराया था. वहीं मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी राजस्व विभाग के अधिकारी के द्वारा आदिवासी गांव को पेयजल की सुविधा से वंचित करने के लिये कोई संकोच नहीं किया है.

पीएचई से ली थी किसान ने नलकूप की अनुमति 
कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड सिवनी के द्वारा पत्र क्रमांक 410/तक.का.यं./लो.स्वा.यां/खण्ड/सिवनी/2020 कैम्प लखनादौन/दिनांक 6 मई 2020 के  आधार पर श्री हीरालाल गोंड िपता श्री भाल सिंह गोंड ग्राम गोकलपुर ग्राम पंचायत धपारामाल विकासखंड लखनादौन जिला सिवनी को खसरा नंबर 180/1 रकबा 1.28 भूमि में कृषि (सिंचाई) व पेयजल कार्य हेतु नलकूप खनन के लिये अनुमति देने हेतु सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखण्ड लखनादौन को प्रेषित आवेदन दिये जाने पर सहायक यंत्री द्वारा की गई अनुशंसा अनुसार नलकूप खनन के लिये शर्तों के आधार पर अनुमति प्रदान की गई थी. 

पटवारी ने कहा तो कोटवार ने मशीन बंद करवाकर किसान के रूपये कर दिये बर्बाद. नलकूप खनन विधिवत अनुमति मिलने के बाद भी रोक लगाये जाने व अड़ंगा लगाये जाने से प्रताड़ित होकर हीरालाल गोंड द्वारा कलेक्टर सिवनी व एसडीएम लखनादौन को नलकूप खनन कार्य करने से रोकने वालों पर कार्यवाही किये जाने को लेकर शिकायत दिया गया है.



वहीं इनका कहना है 

"नायब तहसीलदार और पटवारी ने कोटवार के द्वारा बोर करने वाली मशीन को बंद करवाकर मेरा बोर नही होने दिया, अधूरे बोर के कारण मेरे पैसे बर्बाद हो गये मेरे नुकसान की भरपाई हो या फिर रोक लगाने वालों पर कार्रवाई, नहीं तो जाउंगा हाई कोर्ट, करुंगा मुख्यमंत्री से शिकायत.'' 
हीरालाल गौंड प्रार्थी

''किसी के कहने पर मशीन बंद नहीं कराई गई थी. उपर से निर्देश मिले हुये हैं, कि बिना परमीसन के नलकूप नहीं होगा. परमीसन चेक किया गया तो उसके पास परमीसन थी, तो उसे बोला गया कि कर लो. मैने तो बोला कि जब परमीशन है तो करो काम, किसने मना किया, मशीन चालू रखो.''
अभिषेक यादव, नायब तहसीलदार लखनादौन

''किसान ने मेरे संज्ञान में बात नहीं लाई, ये मेरे संज्ञान के बाहर कैसे जानकारी हो गई कि पटवारी ने मशीन बंद करा दी और किसान ने सीधे कलेक्टर साहब को आवेदन किया है. यदि कलेक्टर महोदय प्रतिवेदन मांगेगे तो दूँगा. वैसे में दिखवाता हूँ.'' 
अंकुर मेश्राम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लखनादौन

''इस मामले मे एसडीएम सर ने मुझे जांच करके रिपोर्टिंग करने कहा है.''
श्रीमतिभावना मलगाम तहसीलदार लखनादौन




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