कोरोना से कमाई, वैक्सिन पार्सल भिजवाने के नाम पर 18500 की ठगी


एक तरफ जहां कोरोना वायरस से पूरी दुनिया के लोग आतंकित हैं, वहीं इसके नाम पर ठगों ने भी अपना काम शुरू कर दिया है. कोरोना वायरस से बचाव के लिए ऑनलाइन सेल में धोखाधड़ी के आ रहे हैं. ये ऑर्डर और पैसे तो ले लेते हैं, लेकिन कस्टमर्स तक सामान नहीं पहुंचाते. इन सामानों में हैंड सेनिटाइजर से लेकर फेस मास्क तक शामिल हैं, जिनकी बाजार में भारी कमी हो गई है. ऑनलाइन ठगी करने वाले ये गिरोह ज्यादातर बुजुर्गों को अपना निशना बनाते हैं..
मुलताई से मयंक भार्गव 


चाहे वैश्विक आपदा हो या कोई भी आपातकाल स्थिति लेकिन आन लाईन ठगी शायद कभी नही रूकती. ठगों द्वारा लोगों से धन उगाही के नये-नये फंडे अपनाए जाते हैं जिससे भोले भाले लोगों के साथ ही शिक्षित एवं समझदार भी इनके झांसे मे आने से नहीं बचते. ऐसा ही एक मामला मुलताई नागपूर मार्ग पर स्थित खंबारा टोल प्लाजा के मैनेजर का प्रकाश में आया है जिसमें ठगों द्वारा कोरोना वैक्सिन पार्सल से भिजवाने के नाम पर कुल 18 हजार 500 रूपए की ठगी कर ली गई.

जब मैनेजर को समझ में आया कि वह ठगा गया है तो पूरे मामले की शिकायत थाना मुलताई में की गई है. टोल टैक्स कार्यालय के मैनेजर कुमारचंद पिता गोवर्धनराव ले मुलताई थाने में शिकायत करते हुए बताया कि उनके मोबाईल पर एक नंबर से मैसेज में बताया गया कि उसके पास ऐसी वैक्सिन है जिसकी कीमत 18 हजार 500 रूपए है जिससे कोरोना मरीजों को ठीक किया जा सकता है.

मैसेज के आधार पर मैनेजर विश्वास कर वैक्सन खरीदने को तैयार हो गया. उक्त व्यक्ति द्वारा एचडीएफसी बैंक का खाता नंबर भेजा गया जिसमें मैनेजर द्वारा राशि ट्रांसफर कर दी गई. राशि ट्रांसफर होने के बाद राशि प्राप्त होने का भी उक्त व्यक्ति द्वारा बकायदा मैसेज किया गया तथा शीघ्र ही वैक्सिन का पार्सल भेजने का कहा गया. लेकिन बाद में पार्सल नहीं आने पर जब उक्त व्यक्ति से संपर्क किया गया तो वह व्यक्ति और राशि की मांग करने लगा जिससे मैनेजर को यह महसूस हुआ कि वह ठगा गया है. मैनेजर कुमार के अनुसार उक्त व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ी से उसकी राशि ट्रांसफर करा के उसे ठगा गया है इसलिए धोखाधड़ी करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खाता नंबर आदि दस्तावेजों के अनुसार पता कर कार्रवाई होना चाहिए.
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News Digital India 18

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